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कैनवास बड़ा करने की कोशिश | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आप लोगों के दिल में यह सवाल उठ रहा होगा कि आख़िर मनोरंजन के पन्ने को पत्रिका का रूप देने की ज़रूरत क्यों महसूस हुई. इसके कई कारण हैं. एक तो यह कि अब इसमें बहुत सी ऐसी सामग्री उपलब्ध कराई जा सकती है जिसकी पहले गुंजाइश नज़र नहीं आती थी. और दूसरी यह कि इसके माध्यम से बहुत से ऐसे पाठकों की इच्छाएँ पूरी हो पाएँगी जो बीबीसी हिंदी डॉट कॉम पर बॉलीवुड या फ़ैशन की दुनिया से हट कर भी कुछ देखना चाहते थे. इस पन्ने पर आप कुछ जानेमाने लेखकों की कृतियाँ देखेंगे तो कुछ नवोदित रचनाकारों की भी. लेकिन हमारा प्रयास रहेगा कि इस पन्ने पर जो कुछ हो वह स्तरीय हो और बीबीसी की गरिमा के अनुरूप हो.
अतिथि संपादक अतिथि संपादक के रूप में देवआनंद जी आपसे रूबरू हैं. आगे चल कर कई प्रतिष्ठित साहित्यकार और रंगकर्मी हमारे इस उपक्रम से जुड़ने जा रहे हैं. इस प्रयास में दिल्ली से मेरे सहयोगी विनोद वर्मा का सक्रिय योगदान रहा है उनका विशेष उल्लेख करना चाहूँगी और लंदन और दिल्ली के अन्य साथियों के सहयोग के बिना तो यह संभव ही नहीं था. बीबीसी की कोई भाषायी सेवा पहली बार इस तरह का प्रयास करने जा रही है. इस पत्रिका के माध्यम से हम आपसे दोतरफ़ा संवाद क़ायम करना चाहते हैं क्योंकि हमारा कोई भी प्रयास आपकी प्रतिक्रियाओं के बिना अधूरा रहेगा. आपका मार्गदर्शन और सुझाव हमें इस पन्ने को और निखारने-संवारने में सहायता देंगे. यह पन्ना पूरी तरह आपका पन्ना है. इसका यह नया स्वरूप आपकी आकांक्षाओं पर खरा उतरे, बस यही कामना है! आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतज़ार रहेगा. पता है hindi.letters@bbc.co.uk बीबीसी हिंदी डॉट कॉम की टीम: सलमा ज़ैदी (संपादक), महबूब ख़ान, पंकज प्रियदर्शी, वंदना विजय (सभी लंदन में). राजेश प्रियदर्शी (डेस्क एडीटर), विनोद वर्मा, आशुतोष चतुर्वेदी, अतुल संगर, पाणिनी आनंद, आलोक कुमार (सभी दिल्ली में). |
इससे जुड़ी ख़बरें बीबीसी हिंदी डॉटकॉम आपकी नज़र में24 नवंबर, 2005 | आपकी राय बीबीसी हिंदी डॉटकॉम आपकी नज़र में24 मई, 2004 | आपकी राय | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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