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शुक्रवार, 15 अप्रैल, 2005 को 14:07 GMT तक के समाचार
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कोशिश! कोशिश!! कोशिश!!!
कार
कार चलाने का शौक लाइसेंस जुड़ा हुआ है
कौन कहता है आसमाँ में सुराख़ नहीं हो सकता,
एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो.

यानी आदमी अगर लगन और दृढ़संकल्प के साथ कोशिश करे तो दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है.

दक्षिण कोरिया के एक बुज़ुर्ग ने अपनी बढ़ती उम्र के बावजूद कार चलाने का शौक नहीं छोड़ा और लाइसेंस हासिल करने की कोशिश जारी रखी, यह बात और है कि लाइसेंस हासिल करना उनके लिए किसी समर से कम साबित नहीं हो रहा है.

69 वर्षीय सियो सांग मून ने कार लाइसेंस के लिए पिछले पाँच साल में 271 बार लिखित परीक्षा दी लेकिन पास नहीं हो सके.

मगर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और 272वें प्रयास में लिखित परीक्षा में सफलता हासिल कर ही ली.

मुश्किल बात तो ये है कि यह परीक्षा पास करने के बावजूद मून अभी कार नहीं चला सकते क्योंकि उन्हें अभी कार चलाने की प्रायोगिक परीक्षा भी पास करनी है.

यानी एक परीक्षक के सामने पूरे नियम क़ानूनों पर खरे उतरते हुए कार चलानी है जोकि काफ़ी मुश्किल इम्तेहान होगा, शायद लिखित परीक्षा से भी ज़्यादा मुश्किल.

सियो सांग मून कहते हैं, "कार चलाने की कला और लाइसेंस हासिल करना काफ़ी मुश्किल नज़र आते हैं. लेकिन जब लिखित परीक्षा में सफलता के लिए मुझे 271 बार कोशिश करनी पड़ी तो अब मुझे किस बात का डर है?"

सियो सांग मून दरअसल निरक्षर हैं इसलिए लिखित परीक्षा के लिए निर्धारित पाठ्यक्रम उनके लिए काला अक्षर भैंस बराबर साबित हुआ.

पेशे से तकनीशियन सियो सांग मून ने दक्षिण कोरिया के एक अख़बार से कहा, "तकनीशियन होने के नाते मुझे यहाँ-वहाँ लंबा सफ़र तय करना पड़ता है जिसकी वजह से कार चलाने का लाइसेंस मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है मगर मैंने लिखित परीक्षा के लिए इसलिए अर्ज़ी नहीं दी क्योंकि मैं निरक्षर हूँ."

"साल 2000 में जब लाइसेंस के लिए मौखिक परीक्षा शुरू की गई तो मैंने अपनी कोशिश शुरू की."

सियो सांग मून जितनी जल्दी-जल्दी हो सकता था, इस परीक्षा में शामिल होते रहे और उन्होंने इस परीक्षा पर आवेदन शुल्क के तौर पर कुल एक हज़ार डॉलर से भी ज़्यादा रक़म ख़र्च की है.

मून कहते हैं कि हर बार परीक्षा में शामिल होने पर उन्हें कुछ नया सीखने को मिलता था और पिछले सप्ताह आख़िकार उन्होंने यह परीक्षा पास कर ही ली.

लाइसेंस विभाग के अधिकारी भी सियो सांग मून के पास होने पर बहुत ख़ुश थे.

एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा, "वह यहाँ पाँच साल से लगातार आ रहे हैं और हमें हर बार उनके फेल हो जाने पर उनसे अफ़सोस ज़ाहिर करना पड़ता था."

सियो सांग मून ने कहा कि अब वह कार चलाकर दिखाने की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और इससे लिए प्रशिक्षण भी ले रहे हैं.

सियो सांग मून कहते हैं, "मुझे इस बार भी पास होने का पूरा भरोसा है. मैं अपनी पत्नी के साथ इस बात पर विचार कर रहा हूँ कि हमें कौन सी कार ख़रीदनी चाहिए."

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