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भारी भरकम सुंदर महिलाएँ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ्रीकी देश बुरकिनाफासो में भारी भरकम महिलाओं के लिए आयोजित प्रतियोगिता दिनों दिन लोकप्रिय होती जा रही है. हाल ही में आयोजित मिस पोग बेदरे प्रतियोगिता में जीतने वाली महिला एमेली सोरगो का वज़न 113 किलोग्राम है. पोग बेदरे प्रतियोगिता भारी भरकम शरीर वाली महिलाओं के लिए ही आयोजित की जाती है. एमेली ने बीबीसी ने बीबीसी से कहा " मुझे अपने वज़न को लेकर कोई चिंता नहीं है. मुझे कभी कभी उन पतली लड़कियों से ईर्ष्या होती है जो कुछ ख़ास क़िस्म के कपड़े पहनती हैं लेकिन सिर्फ कपड़ों के लिए मैं भोजन छोड़ नहीं सकती. " बुरकिनाफासो में इस तरह की प्रतियोगिता की शुरुआत पिछले साल शुरु हुई थी और वो भी मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता के साथ ही. इस प्रतियोगिता के आयोजक जोसेफाइन गिगुइमडे का कहना है कि प्रतियोगिता के पीछे सोच यह थी कि शरीर से गदराई और भरी पूरी महिलाओ के लिए कुछ किया जाए. उनके सौदर्य को दुनिया के सामने लाने के लिए कुछ किया जाए. प्रतियोगिता जीतने वाली एमेली यूनिवर्सिटी ऑफ ओगाडोगो में कला संकाय की छात्र है. उन्होंने 12 महिलाओं को हराकर यह प्रतियोगिता जीती है. बिकनी नहीं पश्चिमी देशों से अलग अफ्रीकी देशों में सुंदरता की परिभाषा थोड़ी अलग है. पश्चिमी देशों में जहां दुबली काया को सुंदरता का प्रतीक माना जाता है वहीं अफ्रीका में गदराया बदन सुंदरता का प्रतीक है. अफ्रीकी देशों में उन्हीं महिलाओं को सुंदर माना जाता है जो भरे पूरे बदन की होती है. 47 वर्षीय इंजीनियर इशा कहते हैं " दुबली पतली महिलाएं श्वेत लोगों के लिए हैं. अफ्रीका में अगर कोई महिला गदराए बदन की है तो इसका मतलब हुआ कि उसका पति उसकी अच्छी देखभाल कर रहा है. " लेकिन एक अन्य छात्र एलेन का कहना है कि पतली महिलाएं उनकी पसंद हैं. उनका कहना है " मेरी गर्लफ्रैंड अगर मोटी हुई तो मेरे स्कूटर का कचूमर निकल जाएगा. " ओगाडोगो में बीबीसी संवाददाता माथ्यू बोंकांगो का कहना है कि प्रतियोगिता का आयोजन बिल्कुल मिस वर्ल्ड की तरह होता है जिसमें प्रतियोगी बताते हैं कि वो क्या करना चाहते हैं. मसलन महिलाओ की सुरक्षा, घरेलू हिंसा और एड्स आदि. ज्यूरी के फैसले से पहले प्रतियोगियों ने कई तरह के कपड़ों में फैशन परेड की. हालांकि बिकनी सेक्शन इसमें नहीं था. हालांकि उन्होंने ऐसे कपड़े पहने थे जिनमें उनका शरीर दिखता था पर उस तरह नहीं जैसा कि मिस वर्ल्ड के बिकनी सेक्शन में दिखता है. मिस एमेली का कहना है कि मिस पोग के तौर पर वो अपना समय लोगों को इस बात के लिए शिक्षित करने में लगाना चाहेंगी कि कोई क्रीम लगाकर वो अपनी त्वचा को सफेद करने की कोशिश न करे. |
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