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शर्मिला टैगोर सेंसर बोर्ड की नई अध्यक्ष | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पद को लेकर बुधवार को नाटकीय घटनाक्रम चलता रहा. केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन यानी यूपीए सरकार ने पहले तो अनुपम खेर से सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष का पद छोड़ने को कहा लेकिन जब उन्होंने इस्तीफ़ा नहीं दिया तो सरकार ने मशहूर अभिनेत्री शर्मिला टैगोर को नया अध्यक्ष नियुक्त करने की घोषणा कर दी. नई अध्यक्ष शर्मिला टैगोर ने बुधवार को ही कार्यभार भी संभाल लिया है. अनुपम खेर इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए गुरुवार को दिल्ली में एक पत्रकार वार्ता करने वाले हैं. भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए सरकार ने क़रीब एक साल पहले अनुपम खेर को सेंसर बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया था. अनुपम खेर से इस्तीफ़ा मांगने की भारतीय जनता पार्टी ने निंदा की है और इसे राजनीतिक बदले की भावना से उठाया हुआ क़दम बताया है. समाचार एजेंसी पीटीआई का कहना है कि गुजरात के दंगों पर बनी एक फ़िल्म को सेंसर सर्टिफ़िकेट देने को लेकर अनुपम खेर के कार्यकाल में विवाद हुआ था. एजेंसी का कहना है कि वे सरकार को समर्थन दे रहे वामपंथी दलों के निशाने पर आ गए थे. अनुपम खेर ने इस बात की पुष्टि की थी कि उन्हें सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने पद छोड़ने को कहा है. हालांकि समाचार एजेंसी पीटीआई ने अनुपम खेर के क़रीबी सूत्रों के हवाले से कहा था कि वे अपने पद से इस्तीफ़ा नहीं देंगे यदि सरकार चाहे तो अनुपम खेर को बर्ख़ास्त कर दे. |
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