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चीन में 'मिस प्लास्टिक सर्जरी' प्रतियोगिता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया भर के प्लास्टिक सर्जनों को अपना हुनर दिखाने का एक मौक़ा मिल रहा है चीन में. वहाँ नक़ली या कृत्रिम सौंदर्य की एक प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है. सरकारी मीडिया के अनुसार चीन में अक्तूबर में एक ऐसी सौंदर्य प्रतियोगिता कराई जाएगी जिसमें वे महिलाएँ हिस्सा ले सकेंगी जिन्होंने कॉस्मेटिक सर्जरी करवाई हो. इसमें ऐसी कोई भी महिला हिस्सा ले सकती है जो ये साबित कर दे कि उसका सौंदर्य प्रकृति प्रदत्त न होकर मानव की कारीगरी है. चाइना डेली अख़बार का कहना है कि चीन में बड़ी संख्या में महिलाएँ प्लास्टिक सर्जरी करवा रही हैं. वहाँ हर साल सौंदर्य पर 20 अरब युआन या लगभग ढाई अरब डॉलर ख़र्च किया जा रहा है. दरअसल 'मिस प्लास्टिक सर्जरी' सौंदर्य प्रतियोगिता के आयोजन का ये विचार तब आया जब आम तौर पर आयोजित होने वाली एक सौंदर्य प्रतियोगिता में एक महिला को इसलिए शामिल नहीं होने दिया क्योंकि उसने कॉस्मेटिक सर्जरी करवाई थी. उस महिला ने 11 ऑपरेशन करवाए थे और इस पर 13,000 डॉलर ख़र्च किए थे. सौंदर्य सैलून अख़बार के अनुसार चीन में लाखों सौंदर्य सैलून खुल गए हैं जहाँ लगभग 60 लाख लोगों को रोज़ग़ार मिला हुआ है. इन सैलून में आने वालों में किशोरियों के साथ ही युवतियाँ भी हैं जो चेहरा और बेहतर करवाने की चाह में खिंची चली आती हैं. अख़बार के अनुसार इन सैलूनों की संख्या में ज़बरदस्त बढ़ोत्तरी की वजह लोगों के मन में इस बात का बैठ जाना है कि सफलता का रास्ता सौंदर्य से होकर जाता है. चीन ने हाल ही में सौंदर्य प्रतियोगिताओं पर 54 वर्षों से लगा प्रतिबंध हटाया है. मगर आर्थिक वृद्धि और ढीले पड़ते सामाजिक नियंत्रणों की वजह से पिछले कुछ वर्षों में लोगों में सौंदर्य को लेकर अनोखी चाह पैदा हुई है. चीन में पहली बार मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता पिछले साल आयोजित हुई थी. |
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