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बॉबी डार्लिंग ने पहना अनोखा ख़िताब | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
महिलाओं की सौंदर्य प्रतियोगिताओं ने तो दुनिया भर में एक ख़ास पहचान हासिल कर ली है साथ ही पुरुषों की भी मिस्टर प्रतियोगिताएं भी ख़ासी लोकप्रिय हैं. लेकिन इन दोनों के अलावा एक तीसरा तबका भी होता है जिसे अभी तक इस तरह की पहचान नहीं मिली है इसलिए इस तबके ने भी सौंदर्य प्रतियोगिता के क्षेत्र में क़दम रख दिया है. जी हाँ, यह तीसरा तबका है किन्नरों का जिन्हें अपनी पहचान के लिए हमेशा ही संघर्ष करना पड़ता है यानी वे महिला हैं या पुरुष या फिर इन दोनों से बिल्कुल अलग? यह मसला मध्य प्रदेश में तो अदालत तक पहुँच चुका है और महिलाओं के लिए आरक्षित सीट जब एक किन्नर ने जीती थी तो अदालत ने उसके चुनाव को ही यह कहते हुए ख़ारिज कर दिया कि वह किन्नर महिलाओं की श्रेणी में नहीं आते और वे पुरुष ही होते हैं. भारत के दक्षिणी राज्य तमिलनाडु में किन्नरों की एक सौंदर्य प्रतियोगिता हुई है और ताज पहनाया गया है बॉबी डार्लिंग को. मिस डार्लिंग मुंबई से हैं और उन्होंने 68 प्रतियोगियों को हराकर यह ताज पहना है. वार्षिक महोत्सव तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से क़रीब 150 किलोमीटर दूर विल्लुपुरम नाम के क़स्बे में किन्नरों का चार दिन एक वार्षिक महोत्सव मंगलवार को संपन्न हुआ और यह सौंदर्य प्रतियोगिता भी उसी का एक हिस्सा थी. बॉबी डार्लिंग ने ख़ासतौर से आख़िरी दौर में सवालों के बहुत अच्छे जवाब दिए और 68 अन्य प्रतियोगियों को पीछे छोड़कर ताज पहन लिया.
किन्नरों की इस सौंदर्य प्रतियोगिता का आयोजन तमिलनाडु की एड्स कंट्रोल सोसायटी, रोटरी क्लब और हिजड़ा संगठन ने किया था. इस महोत्सव में नृत्य और संगीत की अन्य प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं. दरअसल इस महोत्सव का एक अन्य मक़सद भी था और वो ये कि सभी किन्नरों का अनिवार्य रूप से एचआईवी परीक्षण किया गया. बहुत से किन्नरों को कोई नियमित नौकरी नहीं मिलती है और रोज़ी-रोटी चलाने के उन्हें अक्सर वेश्यावृत्ति का सहारा लेना पड़ता है जिससे वे एड्स जैसी बीमारी के संक्रमण के शिकार हो जाते हैं. यह महोत्सव हर साल मई में आयोजित किया जाता है और महीने के पहले पूर्ण चंद्र दिवस को समाप्त होता है. इसमें देश भर से हज़ारों किन्नर भाग लेते हैं और अपनी-अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं. लेकिन महोत्सव के आख़िरी दिन वे अपनी चूड़ियाँ तोड़कर अपने सांकेतिक पति की मौत पर मातम मनाते हैं. |
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