|
पाकिस्तानी एलबम पर कश्मीर में विवाद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत प्रशासित कश्मीर में एक धार्मिक नेता ने पाकिस्तान के दो पॉप गायकों के एक गीत पर प्रतिबंध लगाने की माँग की है. 'कच्ची पेंसिल' नाम से मशहूर इस गीत में कहा गया है कि ख़ुदा ने इंसान की क़िस्मत कच्ची पेंसिल से लिखी है. यह गीत राज्य के लोगों में काफी लोकप्रिय होता जा रहा है और इस गीत के कैसेटों की माँग लोगों में लगातार बढ़ रही है. इसकी लोकप्रियता से परेशान मौलवियों ने चेतावनी दी है कि वे इस गीत के खिलाफ़ प्रदर्शन करेंगे. पाकिस्तानी गायकों अकरम राही और नसीबो लाल के इस गीत के बारे में उलेमा का कहना है कि यह अल्लाह पर एक तरह की फब्ती कसना है. शुक्रवार को राजौरी में आयोजित एक धार्मिक सभा में उलेमा ने लोगों से कहा कि अल्लाह इंसान की क़िस्मत कमज़ोर कलम से नहीं लिखता है. उनके मुताबिक़, जिस तरह से गीत में अल्लाह की निंदा की गई है, वह ठीक नहीं है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस गीत के कैसेटों में घरों से बाहर फेंक दें. सभा को संबोधित करते हुए गुलाम रसूल ने कहा कि "अल्लाह तो सर्वशक्तिमान है वह तो केवल आदेश देता है, किसी के भाग्य को लिखने का प्रश्न ही नहीं उठता है." उलेमा ने इस तरह का संदेश ज़िले की कई मस्जिदों में दिया है, अभी कहना मुश्किल है कि इनका कितना असर होगा. बिक्री दूसरी ओर, कैसेट बेचनेवालों का कहना है कि इस धमकी के बावजूद कैसेटों की बिक्री लगातार तेज़ हो रही है. कैसेटों का व्यापार करने वाले ओमकार छोगा और नीरज गुप्ता का कहना है कि मौलवियों के विरोध के बावजूद कैसेटों की बिक्री काफी बढ़ी है. बस ड्राइवर सादिक़ हुसैन का कहना है कि जब वे अपनी बस में इस कैसेट को बजाते हैं तो यात्री इसे काफ़ी पसंद करते हैं. इस संबंध में राजौरी जिले के मुख्य पुलिस अधिकारी से जब बीबीसी संवाददाता ने जानकारी जाननी चाही तो उन्होंने कहा कि उनके पास शिकायत अभी तक किसी ने दर्ज नहीं कराई है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||