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सरकारी कर्मियों के लिए नमाज़ ज़रुरी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के सूबा सरहद की सरकार ने पुलिस सहित सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए हर दिन दोपहर की नमाज़ पढ़ना ज़रूरी कर दिया है. सभी सरकारी कार्यालयों को आदेश दिए गए हैं कि वे दोपहर को निर्धारित समय पर दफ़्तर बंद रखने और सब लोगों के एक जगह इकट्ठा होकर नमाज़ पढ़ने का इंतज़ाम करें. सूबा सरकार को कट्टरपंथी सरकार माना जाता है और इससे पहले इस सरकार ने इस्लामी क़ानून-शरिया लागू करने की घोषणा की थी. सूबा सरहद के सूचना मंत्री आसिफ़ इक़बाल ने बीबीसी से कहा, "सऊदी अरब में भी यही इंतज़ाम है और हमने भी उसका अनुसरण करने का फ़ैसला किया है." उन्होंने कहा कि पहले सरकारी कर्मचारी काम की वजह से नमाज़ अदा नहीं कर पाते थे लेकिन इस प्रावधान के बाद वे इस्लामी नियमों का पालन कर पाएँगे. उनका कहना था कि सरकार धर्म को लेकर कोई दबाव नहीं डाल रही है और वह शिक्षा को लेकर भी गंभीर है. सूचना मंत्री इक़बाल ने स्पष्ट किया है कि इस आदेश का मतलब यह नहीं है कि पुलिस नमाज़ पढ़ने के लिए अपनी ड्यूटी की अवहेलना करे. उनका कहना था कि इस्लाम में यह प्रावधान है कि बहुत ज़रुरी काम के लिए नमाज़ को टाला जा सकता है. |
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