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बुश विरोधी वृत्तचित्र को सर्वोच्च पुरस्कार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की आलोचना करनेवाले, निर्देशक माइकेल मूर के विवादास्पद वृत्तचित्र फ़ारेनहाइट 9/11 ने कान फ़िल्म समारोह में सर्वेश्रेष्ठ फ़िल्म का पुरस्कार जीता है. कान के प्रतिष्ठित फ़िल्म समारोह में 'पाम डो' का सर्वोच्च पुरस्कार पानेवाली ये दूसरी वृत्तचित्र फ़िल्म है. इससे पहले 1956 में ज़ाक कोत्यू के वृत्तचित्र द साइलेंट वर्ड को कान में ये सम्मान मिला था. फ़ारेनहाइट 9/11 ने 17 अन्य फ़िल्मों को पछाड़कर पाम डो का पुरस्कार जीता. फ़िल्म माइकल मूर की फ़िल्म में बुश प्रशासन की 'आतंक के विरूद्ध लड़ाई' की तीखी आलोचना की गई है. इराक़ युद्ध पर आधारित फ़िल्म में बुश और उनके सहयोगियों पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया गया है. इसमें राष्ट्रपति बुश और सऊदी अरब के राजपरिवारों और यहाँ तक कि ओसामा बिन लादेन जैसे लोगों के बीच समानताएँ दिखाई गई हैं. विवाद मूर की फ़िल्म के असल वितरक डिज़्नी फ़िल्म्स की कंपनी मिरामैक्स ने फ़िल्म को अमरीका में प्रदर्शित करने से मना कर दिया है. इसके बाद सोमवार को कान फ़िल्म महोत्सव में इसका प्रीमियर शो करना पड़ा. अब कोई और वितरक कंपनी फ़िल्म को प्रदर्शित करेगी. माइकेल मूर ने डिज़्नी फ़िल्म्स के बर्ताव को सेंसरशिप का नाम दिया है. समाचारपत्रों और पत्रिकाओं में मूर की फ़िल्म की ख़ासी सराहना की गई है. |
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