
जी नहीं न तो अनुष्का शर्मा ने कोई विश्व रिकॉर्ड बनाया है और न ही कोई साहसी कार्य किया है लेकिन फिर भी उन्हें इस बात का पूरा यकीन है कि उनका नाम तो इतिहास के पन्नो पर होगा ही.
चलिए इस पहेली को सुलझा ही देते हैं. अनुष्का ऐसा इसलिए कह रही हैं क्योंकि उन्होंने 'किंग ऑफ़ रोमांस' कहे जाने वाले फिल्मकार यश चोपड़ा के साथ काम जो कर लिया है.
यश चोपड़ा की बतौर निर्देशक आखिरी फिल्म 'जब तक है जान' में शाहरुख़ खान और कटरीना कैफ के साथ साथ अनुष्का शर्मा भी हैं.
अनुष्का कहती हैं, ''मेरे लिए ये बड़े गौरव की बात है, एक बड़ी उपलब्धि है. मुझे मौका मिला कि मैं यश जी के निर्देशन तले काम करूं. यश चोपड़ा अपने आप में एक ब्रांड हैं. इतिहास में मेरा नाम होगा कि मैं यश चोपड़ा की हिरोइन रह चुकी हूं.''
"किसी भी इंसान में विवेक और चंचलता का संतुलन बड़ी मुश्किल से मिलता है. यश जी के पास ये दोनों ही चीज़ें थी. वो बच्चों की तरह खूब मज़ाक किया करते थे. उनके चेहरे पर हमेशा एक शरारती मुस्कान रहती थी."
अनुष्का शर्मा
अनुष्का कहती हैं कि जब कोई नौजवान सिनेमा में अभिनेता या अभिनेत्री बनने का सपना लेकर आता है तो उसके दिल में यश चोपड़ा के साथ काम करने की ख़्वाहिश ज़रूर होती है. और उनका ये सपना पूरा हुआ है.
शूटिंग का अनुभव
'जब तक है जान' की शूटिंग के दौरान अनुष्का को यश चोपड़ा को करीब से जानने का मौका भी मिला.
यश चोपड़ा के साथ काम करने के अपने अनुभव को पत्रकारों के साथ बांटते हुए अनुष्का कहती हैं, ''80 साल की उम्र में भी यश जी में अपनी कला और अपने काम को लेकर जो जूनून था वो एक कमाल की बात है. यश जी इतने बड़े बैनर के मालिक थे लेकिन इसके बावजूद उनमें घमंड रत्ती भर भी नहीं था. मैं तो उनसे उम्र और तजुर्बे दोनों में ही बहुत छोटी हूं लेकिन मैं भूल नहीं सकती कि यश जी का मेरे प्रति व्यवहार कितना अच्छा था.''
यश चोपड़ा का फ़िल्मी करियर 50 साल लम्बा रहा. अनुष्का कहती हैं इतने सालों के अनुभव ने यश चोपड़ा को बहुत ही विवेकशील बना दिया था लेकिन विवेक के साथ साथ उनमें बच्चों जैसी चंचलता भी थी. वो कहती हैं, ''एक ही इंसान में इन दोनों बातों का संतुलन बड़ी मुश्किल से मिलता है. यश जी बच्चों की तरह खूब मज़ाक किया करते थे. उनके चेहरे पर हमेशा एक शरारती मुस्कान रहती थी.''
जब तक है जान 13 नवंबर को रिलीज़ हो रही है.









