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अनुष्का शर्मा ने किस बात से नाराज़ होकर चुप्पी तोड़ी?
बॉलीवुड अभिनेत्री और भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली की पत्नी अनुष्का शर्मा ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर फ़ारुख़ इंजीनियर के उस दावे पर नाराज़गी जताई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वर्ल्ड कप 2019 के दौरान क्रिकेट टीम के चयनकर्ताओं ने अनुष्का को चाय परोसी थी.
उन्होंने ट्विटर और इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर की जिसमें इस मामले और उनसे जुड़े दूसरे सभी विवादित किस्सों का उन्होंने क़रारा जवाब दिया है.
अनुष्का शर्मा ने अपनी पोस्ट में क्या लिखा है, पढ़िएः
मनगढ़ंत और फ़र्ज़ी ख़बरों-किस्सों से कैसे निपटा जाए, इस बारे में मेरी हमेशा यही राय रही कि आप चुप रहें और आलोचकों को बोलने दें. इस बात में विश्वास रखते हुए ही मैंने अपने करियर के 11 साल पूरे किए हैं. मैंने हमेशा अपनी चुप्पी की परछाई में अपने आत्मसम्मान और सत्य को मज़बूती से खड़े पाया.
लेकिन वो कहावत है ना कि बार-बार एक झूठ को दोहराया जाए तो वो सच लगने लगता है, मेरे साथ वही हो रहा है. मेरी चुप्पी की वजह से मेरे ख़िलाफ़ बोए गए झूठ सच लगने लगे हैं लेकिन आज इसका अंत होगा.
मैं उस वक़्त चुप रही जब कहा गया कि मेरी वजह से मेरे पति विराट कोहली का प्रदर्शन बिगड़ा. मैं उस बेबुनियाद के आरोप पर भी चुप रही जब कहा गया कि मैं भारतीय क्रिकेट से जुड़ी चीज़ों में शामिल हूँ.
मेरा नाम उन मनगढ़ंत किस्सों में भी शामिल किया गया जिनमें कहा गया कि मैं बंद कमरों में होने वाली क्रिकेट टीम की बैठकों में शामिल होती हूँ और टीम की सलेक्शन प्रक्रिया को प्रभावित करती रही हूँ. मैं चुप रही.
मेरे नाम को ग़लत तरीक़े से उन दावों में भी इस्तेमाल किया गया जिनके अनुसार इंडियन टीम के विदेशी दौरे पर मैं अपने पति के साथ तय वक़्त से ज़्यादा समय के लिए रुकी. जबकि मैंने हमेशा सारे प्रोटोकॉल फ़ॉलो किये. लोग कहते रहे, पर मैं चुप रही.
जब मुझसे एक हाई कमिश्नर की पत्नी ने ग्रुप फ़ोटो में आने की गुज़ारिश की और बड़े संकोच के साथ मैं उस तस्वीर के लिए तैयार हुई, तो भी बवाल खड़ा किया गया और कहा गया कि मैं उस इवेंट में ज़बरन शामिल हुई थी, जबकि मुझे आमंत्रित किया गया था. लेकिन क्रिकेट बोर्ड को इसे लेकर स्पष्टीकरण देना पड़ा और मैं चुप रही.
'हर बार ख़राब लगा, गुस्सा आया'
इस कड़ी में जो सबसे नया झूठ फ़ैलाया जा रहा है वो ये है कि वर्ल्ड कप मुक़ाबलों के दौरान क्रिकेट टीम के चयनकर्ताओं ने मुझे चाय परोसी थी!
अगर आपको चयनकर्ताओं और उनकी योग्यता पर ही कोई टिप्पणी करनी है तो शौक से करें, पर अपने फ़र्ज़ी दावों में दम भरने के लिए और सनसनी पैदा करने के लिए मेरे नाम का इस्तेमाल ना करें.
मैं ये नहीं होने दूंगी कि आप ऐसी घटिया कहानियों में मेरे नाम को घसीटें.
ऐसा नहीं है कि इस अंतिम 'ख़बर' से ही मुझे सबसे अधिक तकलीफ़ हुई है और मैंने चुप्पी तोड़ी. हर बार मुझे उतना ही ख़राब लगता है, गुस्सा आता है.
'चुप रहने को कमज़ोरी न समझें'
इसलिए मेरी इस चिट्ठी को उस एक कथित ख़बर का जवाब ना समझा जाए. मैंने आज बोलने का फ़ैसला किया क्योंकि मुझे लगा कि किसी के चुप रहने को उसकी कमज़ोरी ना समझ लिया जाए.
आपको अपना एजेंडा चलाना है, किसी की आलोचना करनी है, भले ही मेरे पति की आलोचना क्यों ना करनी हो, वो आप तथ्यों और सबूतों के साथ करें. पर मेरे नाम को बख़्श दें.
मैंने सारी गरिमाओं का ध्यान रखते हुए अपने दम पर अपना करियर बनाया है. मैं इसे लेकर कोई समझौता नहीं कर सकती.
कुछ लोगों को शायद ये बात हज़म नहीं होती होगी कि मैं अपनी मेहनत के दम पर सफ़ल होने वाली स्वतंत्र महिला हूँ जो एक क्रिकेटर की बीवी भी है.
...और रिकॉर्ड के लिए, मैं (चाय नहीं) कॉफी पीती हूँ.
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