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मुझे भी 'साथ सोने' के प्रस्ताव मिले: इरफ़ान ख़ान
- Author, सुप्रिया सोगले
- पदनाम, मुंबई से, बीबीसी हिंदी के लिए
हॉलीवुड के ताकतवर व्यक्ति माने जाने वाले हार्वी वाइंस्टीन के सेक्स स्कैंडल के सामने आने के बाद पूरी दुनिया में इस विषय पर चर्चा शुरू हो गई है.
हॉलीवुड और हिंदी फ़िल्मों के अभिनेता इरफ़ान ख़ान ने फ़िल्म इंडस्ट्री में मौजूद ऐसे लोग और यौन उत्पीड़न के बारे में कहा है कि उन्हें भी काम के बदले समझौते का प्रस्ताव कई बार आया है.
अपनी फ़िल्म 'क़रीब क़रीब सिंगल' के बारे में आयोजित एक अनौपचारिक बातचीत के दौरान इरफ़ान ने बताया, "मुझे कई बार ऐसे प्रस्ताव या सीधे संकेत मिले हैं कि अगर मैं उनके साथ सोता हूं तो वो मुझे काम देंगे. ये प्रस्ताव मुझे पुरुषों और महिलाओं दोनों से मिले हैं. पर ये पहले हुआ करता था अब नहीं होता मेरे साथ."
वो कहते हैं, "ऐसा औरतों के साथ ज़्यादा होता है. पर आपको ना कहने का हक़ होता है. लेकिन जहां ज़बरदस्ती होने लगे, उसकी जितनी निन्दा की जाए कम है. और कोई शख़्स ऐसा बार-बार इतने लोगों के साथ कर रहा है तो उसका पर्दाफ़ाश करना ज़रूरी है."
इरफ़ान का मानना है की यौन उत्पीड़न करना अपने आप में एक बीमारी है जो समाज की दशा को दर्शाती है. वो मानते हैं कि ऐसे समाज में यौन से संबंधित बातों पर चर्चा नहीं होती. और ऐसे में जो ताकतवर पक्ष होगा वो दूसरे पक्ष का शोषण करेगा.
इरफ़ान कहते हैं, "उत्पीड़न अहम मुद्दा नहीं है बल्कि दमन मूल मुद्दा है जहाँ लोगों को घुलने-मिलने की इज़ाजत नहीं है. सरकार या अन्य संस्था कौन होते हैं जो इस पर अपना निर्णय थोपें. ये फ़ैसले निजी होने चाहिए."
फ़िल्म इंडस्ट्री हताश है
इरफ़ान ने माना की उनकी कोशिश रहती है कि वो दर्शकों से जुड़ सकें. पर उनका कहना है कि हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री अभी थोड़ा हताश है.
वो कहते हैं, "हमारे दर्शक कुछ हॉलीवुड की तरफ भाग रहे हैं तो कुछ क्षेत्रीय फ़िल्मों की तरफ़. हिंदी सिनेमा के दर्शक कम हो रहे हैं क्योंकि फ़िल्मकार विषय तो चुन लेते हैं पर असल रूप में उसे समझते नहीं हैं. लेकिन चीज़ें अभी बदल रही हैं और जो दर्शकों से जुडी फ़िल्में बन रही है वही कंटेंट सिनेमा है."
इरफ़ान ख़ुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि उन्हें हॉलीवुड स्टार टॉम हैंक्स के साथ काम करने का मौका मिला. हॉलीवुड स्टार्स की ख़ासियत बयान करते हुए इरफ़ान कहते हैं, "वहां स्टार अपनी छवि का प्रचार नहीं करता है. वो एक छवि में बंधे नहीं रहता है. उनके लिए कहानियां ज़रूरी होती हैं. अगर वो अपनी इमेज को पंप करते रहेंगे तो उन्हें काम मिलना बंद हो जाएगा. उन्हें हर बार नए किरदार में ढलना ज़रूरी होता है."
'पीकू' में दीपिका पादुकोण के साथ काम कर चुके इरफ़ान ख़ान विशाल भरद्वाज की अगली फ़िल्म में एक बार फिर दीपिका के साथ नज़र आएंगे. इसके लिए वो काफी उत्साहित है. उन्होंने संकेत दिए हैं कि हो सकता है कि वो इस फ़िल्म में गाना भी गाएं.
नहीं लिखेंगे बायोग्राफ़ी
जहां एक के बाद एक फ़िल्मी सितारों की बायोग्राफ़ी आ रही है. वहीं, इरफ़ान खान ने साफ़ किया कि वो अपनी आत्मकथा कभी नहीं लिखेंगे क्योंकि बायोग्राफी लिखना इरफ़ान अपने आप का राग अलापना मानते हैं. ये उनके लिए बोरियत भरा काम है.
वो संतुष्ट हैं कि उन्हें सिनेमा का हिस्सा बनने का मौका मिला है, दर्शकों के साथ विभिन्न कहानियां साझा करने का मौका मिला है.
वो कहते हैं कि अगर कोई ऐसा लेखक मिले जो उनके जीवन की अनोखे तरीके से समीक्षा कर एक नया नज़रिया लाए तभी वो अपने जीवन पर बायोग्राफ़ी के लिए रज़ामंदी देंगे.
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