You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
लड़कियां क्यों थीं प्लेब्वॉय की दीवानी?
शब्दों से ज़्यादा बोल्ड तस्वीरों के लिए चर्चित 'प्लेब्वॉय' मैगजीन के संस्थापक ह्यू हेफ़नर का बुधवार को निधन हो गया. वे 91 साल के थे.
मैगज़ीन ने आधिकारिक बयान जारी कर यह जानकारी दी है.
हेफ़नर ने साल 1953 में अपने किचन से इस मैगज़ीन का प्रकाशन शुरू किया था. 'प्लेबॉय' दुनिया में पुरुषों के बीच सबसे अधिक बिकने वाली मैगज़ीन है.
एक वक्त था जब इस मैगज़ीन की एक महीने में 70 लाख प्रतियां तक बिकीं.
पहले अंक में मार्लिन मुनरो
हेफ़नर का जन्म शिकागो में 9 अप्रैल 1926 को हुआ था. उन्होंने शुरुआत में अमरीकी सेना में एक लेखक के रूप में काम किया, फिर उन्होंने मनोविज्ञान में ग्रेजुएशन किया.
साल 1953 में हेफ़नर ने 8,000 डॉलर कर्ज़ लेकर 'प्लेब्वॉय' का पहला अंक प्रकाशित किया था. उनकी मां ने भी उन्हें मदद के रूप में 1,000 डॉलर दिए थे.
वे अपनी मैगज़ीन की बिक्री को लेकर अधिक आश्वस्त नहीं थे और इसीलिए उन्होंने पहले अंक में प्रकाशन की तिथि तक नहीं लिखी.
मैगज़ीन के पहले अंक में ही उन्होंने उस समय की मशहूर अदाकारा मार्लिन मुनरो की न्यूड तस्वीरें प्रकाशित की. हेफ़नर ने मुनरो की ये तस्वीरें 200 डॉलर में खरीदी थीं, जो 1949 के कैलेंडर के लिए खिंचवाई गई थीं.
प्लेब्वॉय मैगज़ीन की लोकप्रियता इतनी अधिक थी कि महिलाएं इसके कवर पेज पर अपनी न्यूड तस्वीरें प्रकाशित करने लिए बेताब रहती थीं.
यह मैगज़ीन पुरुषों के बीच हमेशा आकर्षण का केंद्र बनी रही. लेकन सामग्री को लेकर इसे काफ़ी आलोचना भी झेलनी पड़ती थी. यह माना जाता था कि अभिनेत्रियां इस मैगज़ीन के कवर पर आकर मशहूर हो जाती हैं.
कई अभिनेत्रियों ने अपने डूबते करियर को संवारने के लिए भी इस मैगज़ीन का सहारा लिया.
इसने कई मशहूर हस्तियों को अपने कवर पेज पर जगह दी. इसमें जेन मैन्सफील्ड और पामेला एंडरसन के अलावा बो डेरेक, किम बासिंगर, फराह फेवकट और मैडोना भी शामिल हैं.
हेफ़नर ने शिकागो में पहला प्लेबॉय क्लब शुरू किया. इसमें 'प्लेबॉय' के लोगो 'बन्नीज़ (खरगोश के कान)' पहनी वेटरेस भी थीं. इसके बाद हेफ़नर ने ब्रिटेन में प्लेबॉय के तीन कैसीनो भी शुरू किए.
डर्टी मैगज़ीन
'प्लेबॉय' में मार्टिन लूथर किंग और जिमी कार्टर जैसे दिग्गजों के साक्षात्कार भी प्रकाशित हुए बावजूद इसके डर्टी मैगज़ीन का ठप्पा उस पर से कभी नहीं हटा. उसे ड्रॉइंग रूम में कभी जगह नहीं मिली और घरों में इसे छिपाया जाता था.
जैसे-जैसे उसकी बिक्री बढ़ी, धार्मिक गुटों और महिला अधिकार संस्थाओं के तेवर भी तीखे हुए. पत्रिका पर नौजवान पीढ़ी को गुमराह करने, महिलाओं के शोषण के आरोप भी लगे. वहीं पचास और साठ के दशक के अमरीका की समझ रखने वालों की मानें तो 'प्लेबॉय' ने सेक्स से जुड़े कई मिथकों को भी तोड़ा.
'प्लेबॉय' के कवर पर शर्लिन चोपड़ा
इंटरनेट पर आसानी से उपलब्ध पॉर्न और वयस्क सामग्री के बाद लगा कि शायद अब प्लेब्वॉय के संन्यास लेने का वक्त आ गया है. लेकिन पत्रिका कई अवतारों में अवतरित हुई, डिजिटल, टेलिविज़न, फ़ैशन हर जगह इसने अपनी जगह बनाई है. भारत समेत जिन देशों में पत्रिका के छपने पर बैन है वहां भी 'प्लेबॉय' के कपड़े और परफ़्यूम धड़ल्ले से बिकते हैं.
प्लेब्वॉय की लोकप्रियता कई सीमाओं को तोड़कर भारत तक भी पहुंची. ये देखते हुए 'प्लेबॉय' ने भारतीय महिलाओं को भी अपनी मैगज़ीन में जगह देने पर विचार किया.
मैगज़ीन में जगह पाने वाली पहली भारतीय महिला शर्लिन चोपड़ा थीं. साल 2012 में खुद शर्लिन ने इसकी जानकारी दी थी. उन्होंने इस मैगज़ीन के लिए न्यूड होकर तस्वीरें खिंचवाई थीं.
इसके बाद साल 2013 में 'प्लेबॉय' ने गोवा में देश का पहला क्लब खोलने की योजना भी बनाई, लेकिन गोवा सरकार ने इस मांग को ख़ारिज कर दिया. गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने उस समय कहा था कि इस प्रस्ताव पर गोवा सरकार तकनीकी आधार पर विचार नहीं करेगी.
हेफ़नर हमेशा कहते थे कि 'प्लेबॉय' कोई सेक्स मैगज़ीन नहीं है यह एक लाइफ़ स्टाइल मैगज़ीन है, जिसमें सेक्स सिर्फ़ एक ज़रूरी हिस्सा है.
हेफ़नर ने 'प्लेब्वॉय' के जरिए समलैंगिकता के मुद्दे को भी काफ़ी बढ़ा-चढ़ाकर उठाया. 1970 में हुए एक सर्वे में पता चला कि अमरीका में कॉलेज जाने वाले एक चौथाई युवक इस मैगज़ीन को ख़रीदते थे.
1989 में हेफ़नर जब 63 साल के थे, उन्होंने 27 वर्षीय किम्बर्ली कोंराड के साथ शादी की. दोनों के दो बच्चे भी हुए, इनकी शादी 10 साल तक टिकी.
हेफ़नर ने दावा किया था कि 'वे 1,000 महिलाओं के साथ संबंध बना चुके हैं.' साल 2012 में उन्होंने खुद से 60 साल छोटी क्रिसटल हैरिस के साथ शादी की, यह हेफ़नर की तीसरी शादी थी.
हेफ़नर ने एक बार कहा था, ''मैं टॉफियों की दुकान में मौजूद एक बच्चा हूं, मैं वैसे सपने देखता हूं जो हकीक़त से बहुत दूर होते हैं. मै इस ग्रह पर मौजूद सबसे खुशनसीब व्यक्ति हूं.''
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)