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छोटी छोटी कमियों वाली मॉडर्न लव-स्टोरी है बेफ़िक्रे
- Author, सुशांत मोहन
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, मुंबई
निर्देशक आदित्या चोपड़ा
रणवीर सिंह, वानी कपूर
रेटिंग - *** स्टार
दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे और मोहब्बतें जैसी ब्लॉक बस्टर प्रेम कहानियां बना चुके आदित्य चोपड़ा ने एक बार फिर से निर्देशन की कमान अपने हाथ में ली और इस बार उन्होनें अपनी पुरानी फ़िल्मों का स्टाइल तोड़ दिया.
उनकी फ़िल्मों में दो प्रेमी हैं, खूब रोमांस है, रिलेशन प्रॉब्लम्स है लेकिन इस बार प्यार करते ये युवा पंजाब की शादियों और खेतों में शर्मातें और छिपते छिपाते नहीं दिखते हैं बल्कि प्यार के शहर के नाम से मशहूर पेरिस में धड़ल्ले से किस करते हुए दिख जाते हैं.
बेफ़िक्रे फ़िल्म आज के युवाओं की बेफ़िक्र हो चली ज़िंदगी की कहानी है जो रुकना नहीं जानते और सही ग़लत के फ़ैसले ग़लतियां करने के बाद लेते हैं.
दिल्ली से पेरिस आए एक स्टैंड अप कॉमेडियन धरम (रणवीर सिंह) और पेरिस में रहने वाले भारतीय मां बाप की फ्रेंच बेटी श्रेया (वानी कपूर) के बीच एक अनोखी मुलाक़ात होती है और फिर उनमें प्यार हो जाता है.
पेरिस या किसी यूरोपीय देश का रिश्तों और प्यार के प्रति खुलापन दिखाते हुए फ़िल्म के पहले सीन में ही किस करते हुए जोड़े दिख जाते हैं, समलैंगिक किरदार है और लीव-इन की बाते हैं. और क्योंकि यह भारत नहीं है, इसलिए आसानी से यह सारी बातें हज़म भी हो जाती हैं.
आप इसे एक एनआरआई की प्रेम कहानी मान सकते हैं और शायद कई भारतीय दर्शक इससे खुद को जोड़ न पाएं लेकिन प्यार एक ऐसा भाव है जो सभी लोगों में समान होता है और इस फ़िल्म में भी भले ही संस्कृति अलग हो, प्यार और उसमें होने वाली दिक्क़तें, उलझने आदित्य ने बखूबी दिखाई है.
इस फ़िल्म में एक अल्हड़, दिल्ली से पहली बार यूरोप आए एक युवा लड़के के किरदार में रणवीर जमते हैं हालांकि एक स्टैंड अप कॉमिक के किरदार में आप उन्हें थोड़ा सा कमतर पाएंगे.
लेकिन उनमें एनर्जी कमाल की दिखती है और वो जितनी देर पर्दे पर रहते हैं आप मुस्कुरातें रहते हैं.
फ़िल्म में हाईलाईट है वानी कपूर का किरदार. फिल्म में वानी कपूर बहुत सुंदर नहीं नज़र आती और उन्हें एक आम लड़की की तरह दिखाया गया है. वे फ़्रेंच हेयर स्टाईल में, स्वछंद नज़र आती हैं, जो अपने फ़ैसले लेने के लिए नायक पर निर्भर नहीं है बल्कि नायक से ज़्यादा समझदार है.
सिनेमा हॉल में कई लड़कियों को 'वाऊ' कहते हुए सुना जब जब वानी के किरदार ने अपनी मर्जी का ऐलान किया, लेकिन वानी का यह किरदार किसी यूरोपीय देश में ही हो सकता था क्योंकि भारत में इतनी बोल्ड लड़की को या तो घर से निकाल दिया जाता या उसकी ऑनर किलिंग हो सकती थी.
फ़िल्म में आपको पेरिस घूमने का अच्छा मौका मिलेगा क्योंकि फ़िल्म में वानी कपूर एक गाइड का किरदार निभा रही हैं.
हमारी तरफ़ से फ़िल्म को तीन स्टार, पहला आदित्य के अपनी पारंपरिक लव स्टोरी को तोड़कर एक नई तेज़ रफ़्तार फ़िल्म बनाने के लिए, दूसरा वानी कपूर को हीरो के बराबर का रोल देने के लिए जिससे कहीं भी फ़िल्म रणवीर की ओर झुकी हुई नहीं लगती और तीसरा फ़िल्म के क्लाइमैक्स से पहले आए एक डांस सीक्वेंस के लिए.
एक दृश्य में रणवीर और वानी के किरदार को एक डांस चैलेंज दिया जाता है और दोनों ही अभिनेताओं ने इस दृश्य में जो नृत्य किया है वो आपको प्रभावित करेगा, आपको एहसास होगा कि एक्टर होना इतना भी आसान नहीं होता क्योंकि सिर्फ़ एक सीन के लिए आपको तीन तीन तरह के नाच सीखने पड़ सकते हैं.
फ़िल्म में कई छोटी-छोटी कमियां है, ज़रुरत से ज़्यादा किसिंग और सेक्स से जुड़े सीन हैं जो कुछ दर्शकों को परेशान कर सकते हैं और सबसे ख़राब है वानी कपूर का ज़ीरो साइज़ फ़िगर में दिखाया जाना.