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भारती-वालमार्ट के बीच हो गया समझौता | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी रिटेल कंपनी वालमार्ट और भारतीय कंपनी भारती के बीच समझौते पर हस्ताक्षर हो गए हैं जिसके साथ ही वालमार्ट को भारतीय खुदरा बाज़ार में पैर जमाने की अनुमति मिल गई है. इस समझौते के तहत भारती वालमार्ट प्राइवेट लिमिटेड भारत में खुदरा व्यापार क्षेत्र में कदम रखेगी जिसके तहत पूरे देश में खुदरा सामान के कई स्टोर खोले जाएंगे. दोनों पक्षों के बीच सहमति के तहत भारती को वालमार्ट से तकनीकी और खुदरा व्यापार क्षेत्र के अनुभव की मदद मिलेगी. अधिकारियों का कहना है कि इस समझौते को देखने के बाद ही बताया जा सकेगा कि यह भारतीय क़ानूनों के मापदंड पर कितना खरा उतरती है. अभी भारत के खुदरा व्यापार में विदेशी निवेश की अनुमति नहीं है और संवाददाताओं का कहना है कि इस समझौते का राजनीतिक स्तर पर विरोध हो सकता है. हालांकि यह समझौता इस तरह से किया गया है जिसके तहत वालमार्ट भारती रिटेल को सिर्फ तकनीकी मदद देगी और भारती इंटरप्राइजे़ज की शाखा भारती रिटेल खुदरा व्यापार की मालिक होगी. यानी व्यापारिक स्तर पर देखा जाए तो इसमें ऐसी कोई तकनीकी खामी फिलहाल नहीं दिखती जिसके कारण इसे आधिकारिक स्तर पर अनुमति नहीं मिले. ऐसा माना जा रहा है कि भारती वालमार्ट प्राइवेट लिमिटेड का पहला स्टोर इस वर्ष के अंत तक खुल जाएगा. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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