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ग्रामीणों के लिए एक अरब डॉलर का कर्ज़ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एशियाई विकास बैंक (एडीबी) भारत के ग्रामीण क्षेत्र में ग़रीबों की दशा सुधारने के लिए देश को एक अरब डॉलर यानि 45 अरब रुपए का कर्ज़ देगा. एडीबी के अनुसार ये उसके इतिहास में सबसे बड़ा ऋण होगा. इस कर्ज़ के ज़रिए पाँच राज्यों में कर्ज़ देने की व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाएँगें. ये राज्य हैं आंध्र प्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, और पाँचवाँ राज्य गुजरात या उड़ीसा में से एक होगा. एडीबी का कहना है कि भारत में कृषि क्षेत्र में उत्पादन की विकास दर गिर रही है. एडीबी का मानना है कि भारत के ग्रामीण क्षेत्र में ऋण देने की व्यवस्था में सुधार इसलिए ज़रूरी है ताकि ग्रामीण क्षेत्र और भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति बेहतर बनाई जा सके. भारत की दो-तिहाई जनता कृषि क्षेत्र पर निर्भर है. एडीबी के महासचिव कुनियो सेंगा ने एक बयान में कहा है, "यदि सरकार के ग़रीबी घटाने के लक्ष्य पूरे होने हैं और ग्रामीण-शहरी इलाक़ों में बढ़ती असमानता को रोकना है या घटाना है तो कृषि क्षेत्र के व्यापक विकास के कदम उठाने होंगे." | इससे जुड़ी ख़बरें एड्स का अर्थव्यवस्था पर असर16 सितंबर, 2003 | कारोबार एशिया में कंडोम की किल्लत19 अगस्त, 2003 | विज्ञान 'सार्स से अब दुनिया मुक्त'05 जुलाई, 2003 | विज्ञान हाँगकाँग सार्स मुक्त घोषित23 जून, 2003 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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