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'अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भारत की पहचान' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि केंद्र सरकार भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के रूप में विकसित करने में हरसंभव मदद करेगी. प्रधानमंत्री ने यह बात शनिवार को दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु में ओरागड़म इलाके में एक राष्ट्रीय ऑटोमोटिव परीक्षण, शोध और विकास परियोजना का शिलान्यास करते हुए कही. उन्होंने कहा कि भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर ने अपनी प्रगति से विश्व बाज़ार में भारत को एक नया स्थान दिलाया है. प्रधानमंत्री ने कहा, "ब्रांड भारत ने अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी है." उन्होंने कहा कि इसे आगे बढ़ाने के लिए और भारत को ऑटोमोबाइल सेक्टर की एक अंतरराष्ट्रीय वर्कशॉप के रूप में तैयार करने के लिए भारत सरकार हर संभव प्रयास करेगी. इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने राज्य के विकास के लिए कई और घोषणाएँ भी कीं. उन्होंने बताया कि राज्य चेन्नई के साथ तीन प्रमुख शहरों कोयंबटूर, मदुरै और त्रिची के हवाई अड्डों को और विकसित करने की भी बात कही. राज्य की महात्वाकांक्षी सेतु समुद्रम योजना के बारे में बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस योजना पर भी काम आगे बढ़ रहा है. साथ ही उन्होंने चेन्नई में मैट्रो के लिए मदद देने की बात भी कही. इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत राज्य के राज्यपाल सुरजीत सिंह बरनाला, मुख्यमंत्री एम करुणानिधि, वित्तमंत्री पी चिदंबरम, टीआर बालू और दयानिधि मारन भी मौजूद थे. | इससे जुड़ी ख़बरें पुजारियों से संबंधित आदेश पर रोक14 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस विनिवेश के विरोध में कर्मचारी हड़ताल पर03 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस पुजारी होने के लिए 'पंडित' होना ज़रूरी नहीं17 मई, 2006 | भारत और पड़ोस सेतुसमुद्रम परियोजना की शुरुआत02 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस क्या है सेतुसमुद्रम परियोजना?26 जून, 2005 | भारत और पड़ोस एक अरब डॉलर से ज़्यादा का नुक़सान06 जनवरी, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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