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हेलीकॉप्टर मामले में यामाहा पर छापे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जापान में पुलिस ने चीन को ग़ैरक़ानूनी तरीके से हेलीकॉप्टर निर्यात करने के मामले में एक जाँच के तहत मोटर कंपनी यामाहा के दफ़्तरों पर छापे मारे हैं. पुलिस इन आरोपों की जाँच कर रही है कि क्या यामाहा ने चीन को मानव रहित हेलीकॉप्टर कुछ सैन्य उपकरणों के साथ निर्यात तो नहीं किए हैं. इस जाँच के तहत यामाहा से संबंधित क़रीब बीस दफ़्तरों और निवासों पर छापे मारे गए हैं. यामाहा ने स्वीकार किया है कि उसने चीन को नौ विमान बेचे हैं लेकिन साथ ही ये भी कहा है कि इन विमानों का इस्तेमाल सिर्फ़ कृषि उद्देश्यों के लिए ही किया जा सकता है. आर-मैक्स नामक हेलहकॉप्टर को एक मामूली रूप से प्रशिक्षित व्यक्ति एक लैपटॉप कंप्यूटर की मदद से ज़मीन पर बैठे-बैठे ही चला सकता है. जापान में इस तरह के क़रीब 1600 हेलीकॉप्टर चल रहे हैं और उनका मुख्य इस्तेमाल किसान फ़सलों पर दवाइयों का छिड़काव करने में करते हैं. लेकिन यामाहा अपने आर-मैक्स नामक हेलीकॉप्टर को अन्य कार्यों के लिए प्रयोग करने को भी बढ़ावा दे रहा है जिनमें निगरानी रखने का काम भी शामिल है और शायद इसी वजह से कंपनी कुछ समस्या में भी घिर गई लगती है. अनुमति चीन के व्यापार और उद्योग मंत्रालय का कहना है कि यामाहा को चीन को अपने ये हेलीकॉप्टर निर्यात करने से पहले सरकार की अनुमति लेनी चाहिए थी. जापान सरकार ये हेलीकॉप्टर चीन को बेचे जाने को अपने देश की सुरक्षा के एक ख़तरे के रूप में देखती है. सोमवार को लगभग 200 जाँचकर्ताओं ने यामाहा के अनेक दफ़्तरों और कुछ निवासों पर छापे मारे और ऐसे दस्तावेज़ों और कंप्यूटर डाटा की जाँच-पड़ताल की जिनसे क़ानून के किसी उल्लंघन का पता चल सके. यामाहा ने इन छापों पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा है कि उसने चीन को पहली बार हेलीकॉप्टर पाँच साल पहले बेचे थे और वे भी 'बेसिक मॉडल' थे जिनका सैनिक उद्देश्यों के लिए कोई इस्तेमाल नहीं हो सकता. | इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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