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यूरोप में कपड़ा संकट पर बातचीत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन के बने कपड़ों के बारे में पैदा हुई समस्या का हल निकालने की कोशिशों के तहत यूरोपीय संघ और चीन के वार्ताकार गुरूवार को बीजिंग में बातचीत कर रहे हैं. इसी साल जून में यूरोपीय संघ और चीन के बीच सहमति हुई थी जिसके तहत चीन से आने वाले कपड़ों का एक कोटा निर्धारित किया गया था ताकि यूरोप को सस्ते चीनी आयात से बचाया जा सके. लेकिन उस कोटे की सीमा पहले ही पूरी हो गई है जिसके बाद यूरोपीय संघ के देशों में पहुँचे चीन के कपड़ों को बिक्री के लिए छोड़ने से रोक दिया गया है और इन कपड़ों की क़ीमत क़रीब एक अरब डॉलर है. इस पाबंदी के बाद चीन के गोदामों में स्वेटर, पैंट, पाजामे और अन्य कपड़ों का भारी अंबार लग गया है. यूरोप के बड़े सुपरमार्केटों ने चेतावनी दी है कि अगर चीन से आने वाले कपड़ों को यूरोपीय देशों में आने की इजाज़त नहीं दी जाती है कि दुकानें कपड़ों से ख़ाली होने की नौबत आ सकती है. दीर्घकालीन असर क़रीब पाँच लाख स्वेटर और एक करोड़ 70 लाख पैंट और पाजामे यूरोपीय देशों के बंदरगाहों पर रुके हुए पड़े हैं. ऐसे में नामी-गिरामी सुपरमार्केट श्रंखलाओं ने चिंता जताई है कि चीन में बने कपड़ों को जल्दी उपलब्ध कराया जाए ताकि क्रिसमस की ख़रीदारी के लिए पूरी तैयारी हो सके. इसके अलावा टी-शर्ट और महिलाओं के अन्य कपड़े भी इस कोटा श्रेणी के दायरे में आ गए हैं. शंघाई में बीबीसी संवाददाता क्वेंटाइन समरविले का कहना है कि इस विवाद को सुलझाने के प्रयासों के तहत यूरोपीय संघ के वार्ताकर इस साल का कोटा बढ़ाने की पेशकश कर सकते हैं. लेकिन चीनी वार्ताकारों की कोशिश रहेगी कि वे ये सुनिश्चित कर सकें कि अगले 12 महीनों में उनके कपड़ा निर्यात पर इसका असर ना पड़े. इस बैठक से पहले यूरोपीय संघ के मंत्रियों में यह सहमति बन चुकी है कि इस बारे में तुरंत कोई क़दम उठाए जाने की ज़रूरत है. यूरोपीय संघ के व्यापार आयुक्त पीटर मेंडल्सन का कहना है, "हमें एक व्यावहारिक समाधान की ज़रूरत है जिसमें समस्या का तुरंत समाधान निकल सके और सभी पक्षों का फ़ायदा हो. हम यह कर सकते हैं." असर इस बीच यूरोपीय संघ की कोटा प्रणाली से चीन के कपड़ा निर्माताओं पर असर नज़र आने लगा है. अभी तक बहुत से कपड़ा निर्माताओं ने अपना कारोबार कोटा सीमा के दायरे में आने वाले कपड़ों से बदलकर ऐसे कपड़ों की तरफ़ बदल दिया है जो कोटा सीमा के दायरे में नहीं आते हैं. लेकिन कुछ कपड़ा निर्माताओं ने तो अपने कर्मचारियों को भी निकालना शुरू कर दिया है. चीन के अधिकारियों ने ध्यान दिलाया है कि ऐसा नहीं है कि सिर्फ़ कपड़ा निर्माता ही नुक़सान उठा रहे हैं बल्कि यूरोपीय संघ के देशों के दुकानदारों को भी नुक़सान हो रहा है. यूरोपीय संघ के देशों में प्रमुख सुपरमार्केट अपने कपड़ों की ब्रिकी के लिए कम से कम एक साल पहले योजना बनाते हैं. चीन से इस वक़्त यूरोपीय देशों को कपड़ों की इतनी बिक्री हो रही है जितनी पहले कभी नहीं हुई और चीन से इन देशों को इस साल की पहली छमाही में क़रीब साढ़े छह अरब यूरो के कपड़ों का निर्यात हो चुका है. साल 2004 में पूरे साल में इतना निर्यात हुआ था. |
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