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भारतीय कॉल सेंटर्स से 'चोरी' के आरोप | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लंदन की पुलिस ने भारतीय कॉल सेंटर्स से सैकड़ों ब्रितानी बैंक खातों से जुड़ी जानकारी की 'चोरी' के मामले में जाँच शुरु कर दी है. ये जाँच एक ब्रितानी अख़बार 'द सन' में एक रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद की जा रही है. 'द सन' के अनुसार उसके एक रिपोर्टर ने गुप्त रूप से काम करते हुए ब्रिटेन के बैंकों में खाते रखने वाले कई लोगों की आर्थिक स्थिति की जानकारी एक भारतीय कंप्यूटर विशेषज्ञ से प्राप्त की. अख़बार का आरोप है कि इस कंप्यूटर विशेषज्ञ ने ये जानकारी भारत स्थित कॉल सेंटर्स से ली थी. प्राप्त जानकारी में बैंक खातों के नंबर, बैंक कार्ड की वैधता की तिथियाँ और गुप्त पासवर्ड शामिल हैं. इस जानकारी के सार्वजनिक होने से इन खातों में धाँधली हो सकती है और इनमें रखे पैसे चोरों के हाथ लग सकते हैं. ये भी कहा गया है कि कथित तौर पर कंप्यूटर विशेषज्ञ ने ये आश्वासन भी दिया था कि वह अमरीकी नागरिकों के बारे में जानकारी भी प्रदान कर सकता है. महत्वपूर्ण है कि हाल में एक भारतीय कॉल सेंटर कंपनी के 14 पूर्व और वर्तमान कर्मचारियों पर आरोप लगा था कि उनका एक अमरीकी बैंक से घोखाधड़ी से चार लाख डॉलर निकालने में हाथ है. उस समय आरोप लगाया गया था कि अमरीकी बैंक सिटीबैंक में खाता रखने वाले चार लोगों के खातों से धोखाधड़ी से ये रकम निकाली गई. जाँच से सामने आया था कि कॉल सेंटर कर्मचारियों ने इन लोगों के बैंक पिन नंबर का इस्तेमाल कर ऐसा किया था. |
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