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इतना छोटा सा शौचालय! | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन की एक कंपनी ने एक ऐसा छोटा सा शौचालय बनाया है जिसका इस्तेमाल कार के भीतर ही किया जा सकेगा और अहम बात ये है कि उसकी बदबू भी नहीं फैलेगी. इंडीपॉड नामक इस शौचालय का निर्माण डेकार नामक कंपनी ने किया है जिसका फ़ायदा ऐसे लोगों को होगा जिन्हें पेट संबंधी समस्याएँ रहती हैं. इस शौचालय से उन लोगों की दिक्कतें भी कम होंगी जिनके घरों में छोटे बच्चे हैं. यह रासायनिक टॉयलेट किसी भी तरह के वाहन में इस्तेमाल किया जा सकेगा. बर्मिंघम में एक प्रदर्शनी के दौरान इंडीपॉड का प्रदर्शन किया गया. इस्तेमाल के बाद इस टॉयलेट को लपेट कर बैग की तरह रखा जा सकता है और इसका वजन होगा आठ किलोग्राम. कंपनी की प्रबंध निदेशक बारबरा मे ने बीबीसी से कहा, "जब हमने ये शौचालय बनाया तो सोचा था कि यह उन परिवारों के लिए होगा जो बच्चों को लेकर घूमने बाहर जाते हैं लेकिन अब ऐसे लोग भी इस टॉयलेट के प्रति उत्सुक हैं जिन्हें शारीरिक समस्याएँ हैं." इंडीपॉड की उपयोगिता साबित करने के लिए डेकार के कुछ अधिकारियों ने बिना कार से निकले सात दिन तक इटली के शहरों का चक्कर लगाया. बारबरा मे कहती हैं, "जिन लोगों को पेट की समस्या है या पेशाब संबंधी समस्या है तो उनके लिए यह शौचालय बहुत सुविधाजनक साबित हो सकता है."
कंपनी का कहना है कि इस शौचालय में प्रयुक्त होने वाला रसायन गंदगी को एक ऐसे द्रव में बदल देता है जिसकी गंध अच्छी होती है और उसे यात्रा के अंत में फेंका जा सकता है. इंडीपॉड के इस्तेमाल के बाद कार में कोई दुर्गंध नहीं होती. यूरोप में क़रीब दस लाख लोगों को पेट संबंधी समस्याएँ हैं. डेकार का कहना है कि बेल्जियम और इटली के लोगों ने इस हल्के-फुल्के टॉयलेट में काफ़ी रुचि दिखाई है. डेकार के अनुसार उसके पास ऑस्ट्रेलिया से भी एक ऑर्डर आया है. |
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