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बैंक दर और सीआरआर यथावत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने गुरुवार को अपनी वार्षिक घोषित नीति कर दी. नई नीति में भी बैक दर और सीआरआर को यथावत रखा गया है. नीति घोषित करते हुए रिज़र्व बैंक ने वर्ष 2005-06 में आर्थिक विकास (या घरेलू सकल उत्पाद) की दर 7 प्रतिशत रहने की संभावना जताई है. रिज़र्व बैंक ने कृषि क्षेत्र में आसान कर्ज़ देने की वकालत की है. रिजर्व बैंक के गवर्नर वाईवी रेड्डी ने कहा है कि वर्ष 2005-06 में महंगाई की दर पांच से साढ़े पाँच प्रतिशत तक रहने की उम्मीद है. नई नीति के अनुसार बैंक रेट 6 और कैश रिज़र्व रेशो (सीआरआर) 5 प्रतिशत रखा गया है. गवर्नर रेड्डी ने अपने वक्तव्य में कहा है कि महंगाई की दर पांच से साढ़े पाँच होने की संभावना है लेकिन यह इस पर निर्भर करेगा कि तेल की बढ़ती क़ीमतों को स्थानीय बाज़ार किस हद तक झेल पाता है. सामान्य मानसून की उम्मीद करते हुए उन्होंने कहा कि कृषि विकास की दर तीन प्रतिशत होने की संभावना है. उन्होंने बैंकरों से अनुरोध किया कि कृषकों को पर्याप्त त्रृण उपलब्ध करवाना चाहिए. गवर्नर रेड्डी ने कहा कि पिछले सालों की तुलना में इस वर्ष विकास के अवसर अच्छे हैं. |
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