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गुरुवार, 24 फ़रवरी, 2005 को 12:47 GMT तक के समाचार
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कैसे तैयार होता है आम बजट
पी चिदंबरम
चिदंबरम हैं तो वकील लेकिन वे आर्थिक विषयों के जानकार भी हैं
बजट के जरिये केन्द्र सरकार की आर्थिक नीतियां तय करने का काम प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार का एक कोर ग्रुप करता है.

इस कोर ग्रुप में प्रधानमंत्री के अलावा वित्तमंत्री और वित्त मंत्रालय के अधिकारी होते हैं. योजना आयोग के उपाध्यक्ष को भी इस ग्रुप में शामिल किया जाता है.

वित्तमंत्रालय की ओर से प्रशासनिक स्तर पर जो अधिकारी होते हैं उसमें वित्त सचिव के अलावा राजस्व सचिव और व्यय सचिव शामिल होते हैं.

यह कोर ग्रुप वित्त मंत्रालय के सलाहकारों के नियमित संपर्क में रहता है.

वैसे इस कोर ग्रुप का ढाँचा सरकारों के साथ बदलता भी है.

बैठकें

बजट पर वित्त मंत्रालय की नियमित बैठकों में वित्त सचिव, राजस्व सचिव, व्यय सचिव, बैंकिंग सचिव, संयुक्त सचिव (बजट) के अलावा केन्द्रीय सीमा एवं उत्पाद शुल्क बोर्ड के अध्यक्ष हिस्सा लेते हैं.

वित्तमंत्री को बजट पर मिलने वाले योजनाओं और व्ययों के सुझाव वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग को भेज दिए जाते हैं जबकि टैक्स से जुड़े सारे सुझाव वित्त मंत्रालय की टैक्स रिसर्च यूनिट (टीआरयू) को भेजे जाते हैं.

इस यूनिट का प्रमुख एक संयुक्त सचिव स्तर का अधिकारी होता है. प्रस्तावों और सुझावों के अध्ययन के बाद यह यूनिट कोर ग्रुप को अपनी अनुशंसाएँ भेजती है.

पूरा बजट निर्माण प्रक्रिया के समन्वय का काम वित्त मंत्रालय का संयुक्त सचिव स्तर का
एक अधिकारी करता है.

बजट के निर्माण से लेकर बैठकों के समय तय करने और बजट की छपाई तक सारे कार्य इसी अधिकारी के जरिए होते हैं.

गोपनीयता

नॉर्थ ब्लॉक
वित्तमंत्रालय दो दिन पहले पूरी तरह सील कर दिया जाता है
भारत में आर्थिक उदारीकरण की प्रक्रिया तो शुरु हो गई, लेकिन बजट निर्माण की प्रक्रिया अभी पारदर्शिता से कुछ दूर दिखाई देती है.

शायद इसीलिए बजट निर्माण की प्रक्रिया को इतना गोपनीय रखा जाता है कि किसी को संसद में पेश होने तक इसकी भनक भी न लगे.

इस गोपनीयता को सुनिश्चित करने के लिए वित्त मंत्रालय के नार्थ ब्लाक स्थित दफ्तर को बजट पेश होने के कुछ दिनों पहले से एक अघोषित 'क़ैदखाने' में तब्दील कर दिया जाता है.

बजट की छपाई से जुड़े कुछ कर्मचारियों को यहां पुलिस व सुरक्षा एजेंसियो के कड़े पहरे में दिन-रात रहना होता है.

बजट के दो दिन पहले तो नार्थ ब्लाक में वित्त मंत्रालय का हिस्सा तो पूरी तरह सील कर दिया जाता है.

यह सब वित्त मंत्री के बजट भाषण के पूरा होने और वित्त विधेयक के रखे जाने के बाद ही समाप्त होता है.

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