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एनटीपीसी के शेयर हाथों-हाथ लिए गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में सबसे बड़ी ऊर्जा कंपनी राष्ट्रीय ताप ऊर्जा निगम यानी एनटीपीसी के शेयरों में बाज़ार में उतरने के साथ ही तेरह प्रतिशत की बढ़ोत्तरी देखी गई है. सरकारी क्षेत्र की इस कंपनी का निजीकरण किया जा रहा है जिसके तहत उसने शेयर बाज़ार में क़दम रखा है. सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कुछ कंपनियों का निजीकरण का जो सिलसिला शुरू किया है, एनटीपीसी भी उसी का एक हिस्सा है. एनटीपीसी ने क़रीब 86 करोड़ 50 लाख रुपए के शेयर बाज़ार में उतारे हैं और सरकार की तरफ़ से कुल बिक्री से क़रीब 54 अरब रुपए उगाही का लक्ष्य रखा गया है. पिछले क़रीब तीन महीने में यह दूसरा मौक़ा है कि भारत सरकार की किसी बड़ी कंपनी के एक अरब रुपए से अधिक के शेयर बाज़ार में उतारे हैं. आईएनजी म्यूचल फंड के निवेश विश्लेषक सुहास नायक का कहना था, "यह निवेश के लिए एक अच्छा मौक़ा है. भारत में ऊर्जा संबंधी ज़रूरतें बढ़नी हैं और उनसे एनटीपीसी को भी फ़ायदा होगा." आर्थिक जानकारों का कहना है कि एनटीपीसी के शेयरों की अच्छी हालत से सरकार कुछ और बड़ी कंपनियों में निजी क्षेत्र का पैसा लाने के बारे में सोच सकेगी. एनटीपीसी ने कहा है कि शेयरों की बिक्री से होने वाली आय को वह देश में ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए ख़र्च करेगा. एनटीपीसी भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी है और पूरी दुनिया में उसका छठा स्थान है. |
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