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कौन लोग, किस तरह तैयार करते हैं आम बजट? | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली में सरकार बदलने का असर नार्थ ब्लाक स्थित वित्त मंत्रालय में सबसे ज़्यादा दिखाई दे रहा है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार ने वित्त मंत्रालय में बहुत से अफ़सरों को नहीं बदला है लेकिन बजट की तैयारियों में नई सरकार की छाप स्पष्ट दिखाई दे रही है. देश में आर्थिक सुधारों के सूत्रधार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने साफ़ कर दिया है कि बजट का पूरा फोकस कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने पर होगा. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का नया जुमला यह है, 'गांवों के विकास के बिना देश का विकास नहीं हो पाएगा, क्योंकि आज भी हमारी अस्सी फीसदी आबादी गांवों में रहती है.' कोर ग्रुप बजट के जरिये केन्द्र सरकार की आर्थिक नीतियां तय करने का काम प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार का एक कोर ग्रुप कर रहा है.
इस कोर ग्रुप में प्रधानमंत्री के अलावा वित्त मंत्री पी. चिदंबरम और योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलुवालिया हैं. पी. चिदंबरम पेशे से वकील हैं लेकिन आर्थिक विषयों के जानकार हैं. 1998 में संयुक्त मोर्चा सरकार के समय उनकी छवि करों में छूट देने वाले वित्तमंत्री के रूप में बनी थी. मोंटेक सिंह आहलुवालिया 1991 से 1996 तक मनमोहन सिंह के वित्तमंत्रित्व काल में वित्त सचिव थे और देश में आर्थिक उदारीकरण की नीति को लागू कराने में उनकी प्रमुख भूमिका रही है. वित्तमंत्रालय ने प्रशासनिक स्तर पर जो कोर ग्रुप बनाया है उसमें वित्त सचिव डीपी गुप्ता के अलावा राजस्व सचिव विनीता राय और व्यय सचिव डी स्वरुप शामिल हैं. यह कोर ग्रुप वित्त मंत्रालय के सलाहकार अशोक लाहिरी और विजय केलकर से नियमित संपर्क में है. बैठकें बजट पर वित्त मंत्रालय की नियमित बैठकों में वित्त सचिव, राजस्व सचिव, व्यय सचिव, बैंकिंग सचिव, संयुक्त सचिव (बजट) के अलावा केन्द्रीय सीमा एवं उत्पाद शुल्क बोर्ड के अध्यक्ष हिस्सा लेते हैं. वित्तमंत्री को बजट पर मिलने वाले योजनाओं और व्ययों के सुझाव वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग को भेज दिए जाते हैं जबकि टैक्स से जुड़े सारे सुझाव वित्त मंत्रालय की टैक्स रिसर्च यूनिट (टीआरयू) को भेजे जाते हैं. इस यूनिट का प्रमुख एक संयुक्त सचिव स्तर का अधिकारी होता है. प्रस्तावों और सुझावों के अध्ययन के बाद यह यूनिट कोर ग्रुप को अपनी अनुशंसाएँ भेजती है. पूरा बजट निर्माण प्रक्रिया के समन्वय का काम वित्त मंत्रालय का संयुक्त सचिव स्तर का बजट के निर्माण से लेकर बैठकों के समय तय करने और बजट की छपाई तक सारे कार्य इसी अधिकारी के जरिए होते हैं. गोपनीयता
शायद इसीलिए बजट निर्माण की प्रक्रिया को इतना गोपनीय रखा जाता है कि किसी को संसद में पेश होने तक इसकी भनक भी न लगे. इस गोपनीयता को सुनिश्चित करने के लिए वित्त मंत्रालय के नार्थ ब्लाक स्थित दफ्तर को बजट पेश होने के कुछ दिनों पहले से एक अघोषित 'क़ैदखाने' में तब्दील कर दिया जाता है. बजट की छपाई से जुड़े कुछ कर्मचारियों को यहां पुलिस व सुरक्षा एजेंसियो के कड़े पहरे में दिन-रात रहना होता है. बजट के दो दिन पहले तो नार्थ ब्लाक में वित्त मंत्रालय का हिस्सा तो पूरी तरह सील कर दिया है. यह सब वित्त मंत्री के बजट भाषण के पूरा होने और वित्त विधेयक के रखे जाने के बाद ही समाप्त होता है. |
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