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मित्सुबिशी लाखों गाड़ियाँ वापस बुलाएगी
मित्सुबिशी की गाड़ियाँ
मित्सुबिशी की फ़्यूसो ट्रकों-बसों में ख़ामियों का पता चार साल पहले ही लग गया था
जापान की चौथी बड़ी वाहन बनाने वाली कंपनी मित्सुबिशी ने साढ़े चार लाख फ्यूसो ट्रक और बसों को बाज़ार से वापस बुलाने का फ़ैसला किया है.

कंपनी उन ख़ामियों की वजह से इन गाड़ियों को वापस बुला रही है जिसकी जानकारी उसने 4 साल पहले छिपा ली थी.

इससे पहले कंपनी एक लाख 80 हज़ार गाड़ियों को पहले ही वापस बुला चुकी है.

मित्सुबिशी फ़्यूसो का 65 प्रतिशत हिस्सा जर्मनी के डेमलर क्राइसलर के पास है और 20 प्रतिशत मित्सुबिशी के पास.

कंपनी यह स्वीकार कर चुकी है कि गाड़ियों में 43 नई ख़ामियाँ हैं.

क़ानून के मुताबिक़ जब गाड़ियों में ख़ामियों का पता चलता है तब इसके बारे में परिवहन मंत्रालय को सूचित करना होता है.

बजाए ऐसा करने के कंपनी ने गुप्त तरिक़े से क़रीब 156 अलग-अलग तरह की ख़राबियों को ठीक किया था.

अब कंपनी ने माना है कि गाड़ियों में इस तरह की ख़ामियाँ थीं.

ख़ामियाँ

इनमें से एक ख़राबी थी ट्रकों के क्लच के साथ.

माना जा रहा है कि दो साल पहले हुई एक दुर्घटना का कारण भी यही था जिसमें एक ट्रक दीवार से जा टकराया था. इस दुर्घटना में ड्राइवर की मौत हो गई थी.

उस समय मित्सुबिशी के प्रमुख कात्सू हिको कावा सू ने इस्तीफ़ा दे दिया था.

पिछले हफ़्ते उन्हें और कंपनी के 4 और अधिकारियों को ट्रक ड्राइवर की मौत के लिए गिरफ़्तार किया गया था.

इस हफ़्ते पुलिस उनके घर की तलाशी ले रही है.

दो महिने पहले डेमलर क्राइसलर ने भारी क़र्ज़ के नीचे दबी मित्सुबिशी को मदद करने से इंकार कर दिया था.

डेमलर क्राइसलर ने कहा है कि वह गाड़ियों में ख़राबी के लिए मित्सूबीशी से क्षतिपूर्ति की माँग कर सकते हैं.

अब गाड़ियों के व्यापार के विश्लेषकों का कहना है कि ट्रको में ख़ामियो के ख़ुलासे से पूरी कंपनी पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

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