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इंटरनेट पर सक्रिय चोरबाज़ार से सावधान! | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आपने इंटरनेट पर किसी नौकरी के लिए विज्ञापन देखा है! लेकिन आवेदन-पत्र भरने से पहले सावधान! चोरी के माल को इधर-उधर पहुँचाने का धंधा करने वाले, अब इस धंधे में नए लोगों को भर्ती करने के लिए नौकरियों का विज्ञापन देने वाली वेबसाइटों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं. इंटरनेट पर नौकरियों के लिए ऐसे विज्ञापन देने वाले झूठा दावा करते हैं कि ये विज्ञापन किसी समाज-सेवी संस्था की तरफ़ से हैं जिन्हें दान में दी गई चीज़ों को ज़रूरतमंदों तक पहुँचाने के लिए कर्मचारियों की ज़रूरत है. इन विज्ञापनों के ज़रिए नौकरी हासिल करने वाले लोगों को पैकेज किसी ख़ास पते तक पहुँचाने के लिए मोटी रक़म देने का प्रलोभन दिया जाता है. ये जालसाज़ आवेदकों की आँखों में धूल झोंकने के लिए असली समाज-सेवी संस्थाओं के नामों का इस्तेमाल कर रहे हैं और उनकी वेबसाइटों की हू-ब-हू नक़ल कर रहे हैं. रूस की एक समाज-सेवी संस्था रशियन ऑर्फ़न ऑपरट्यूनिटी फ़ंड यानी आरओओएफ़ ने ब्रिटेन की जॉब वेबसाइटों पर उसके नाम का इस्तेमाल करने वाले विज्ञापन देखे हैं. उसने ऐसी नक़ली वेबसाइटों को तीन बार बंद करवाने की कोशिश भी की है. भारी घपला आरओओएफ़ का दफ़्तर चलाने वाली जॉर्जिया विलियम्स का कहना है, “ये वेबसाइटें काफ़ी हद तक वास्तविक लगती थीं. उन्होंने हमारी वेबसाइट से काफ़ी जानकारी की नक़ल मार ली थी”.
जॉर्जिया विलियम्स ने बीबीसी न्यूज़ ऑनलाइन को बताया, “उन्होंने बड़ी चतुराई और कुशलता से हमारी वेबसाइट की नक़ल उतार ली.” अपनी वेबसाइट के एक हिस्से पर अपराधियों ने हाई-टेक कंपनियों के ऐसे साक्ष्य जोड़ दिए कि उन्होंने आरओओएफ़ को अपनी क्या-क्या चीज़ें दान की हैं. जॉर्जिया विलियम्स ने बताया कि ब्रिटेन, अमरीका और जर्मनी में बहुत-से लोगों ने नौकरियों के इन विज्ञापनों का जवाब दिया है. खुली पोल फ़रवरी के महीने में, एडिनबरा में रहने वाले छात्र, सैबेस्टियन थिबॉल्ट ने मॉनस्टर.को.यूके वेबसाइट पर “कॉर्सपॉन्डेंस मैनेजर” की नौकरी के विज्ञापन का जवाब दिया था.
इस विज्ञापन में कहा गया था, “क्योंकि हमें विश्व भर से चीज़ें डोनेट होती हैं, हमें सहायकों की ज़रूरत है, जो इस सामान को, हमारे प्रबंधकों की हिदायतों के मुताबिक़, अनाथालयों तक पहुँचा सकें”. नौकरी के लिए सैबेस्टियन थिबॉल्ट का आवेदन मंज़ूर किए जाने के शीघ्र बाद, उनके घर तरह-तरह के पार्सल आने शुरू हो गए, और उनसे कहा गया कि वे इन पार्सलों को, रूस में एक पते पर भेज दें. पहले दो दिनों के दौरान, उन्हे सोनी का साइबर-शॉट कैमरा, सोनी वीडियो लैपटॉप, एमपी3 प्लेयर, एक ब्लूटूथ हैंडसैट और यूएसबी स्टोरेज कीज़ के पार्सल मिले. जब सैबेस्टियन थिबॉल्ट को इन क़ीमती पार्सलों के बारे में संदेह होने लगे, तो उन्होंने पुलिस तथा रूसी सहातार्थ संस्था से संपर्क किया. ब्रिटेन की नैशनल हाई-टैक क्राइम यूनिट की एक प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें इस क़िस्म की जालसाज़ी के बारे में पता है और वे ऐसे कुछ मामलों की छानबीन कर रही हैं. रूसी सहातार्थ संस्था, आरओओएफ़ के नाम से दिए गए जाली विज्ञापन अब मॉनस्टर. को.यूके वैबसाइट से हटा लिए गए हैं. मॉनस्टर.को.यूके वेबसाइट के यूरोपीय संचार निदेशक, हैर्नैन दाग्वेरे का कहना है कि मॉनस्टर को इस बात की जानकारी नहीं थी कि उसकी वेबसाइट पर जालसाज़ों ने अपने विज्ञापन लगा रखे हैं. लेकिन उन्होंने कहा, “अगर हमें यह पता चला कि उसके विज्ञापनों में कोई जानकारी भ्रामक या ग़लत है, तो वे ऐसे विज्ञापनों को अपनी वेबसाइट से हटा देंगे”. |
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