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भारतीय विदेशी मुद्रा भंडार एक खरब
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार पहली बार एक खरब डॉलर से अधिक हो गया है. भारतीय रिज़र्व बैंक के अनुसार 19 दिसंबर को विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 100.25 अरब डॉलर था. पर्येवक्षकों का कहना है कि पूँजी निवेश, व्यापार से आने वाली विदेशी मुद्रा और अमरीकी डॉलर में आई कमज़ोरी के कारण भारत के विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर तक पहुँचा है. महत्वपूर्ण है कि लगभग 13 साल पहले भारत का विदेशी मुद्रा भंडार इतना गिर गया था कि भारत के पास केवल 14 दिन के आयात के लिए ही विदेशी मुद्रा बची थी.
कुछ पर्यवेक्षक मानते हैं कि जब से देश ने उदारीकरण की आर्थिक नीति अपनाई है तब से विदेशी मुद्र भंडार बढ़ना शुरु हुआ है. भारत के वित्त मंत्री जसवंत सिंह ने कहा, "विदेशी मुद्र भंडार के इस स्तर को देखते हुए ये कहा जा सकता है स्वतंत्रता के बाद दशकों तक आत्मनिर्भरता की ओर किए जाने वाले हमारे प्रयास सफ़ल हुए हैं." बताया गया है कि इस साल 28 मार्च से विदेशी मुद्रा भंडार में 24 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है. पर्यवेक्षकों का मानना है कि विदेशी मुद्रा भंडार के इसी तरह बढ़ते जाने की संभावना है. |
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