|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में अमरीकी टैंक के साथ रूसी कारें
रूस में बनी कारें शीघ्र ही इराक़ की सड़कों पर अमरीकी टैंकों से होड़ लेती नज़र आएँगी. वहाँ टैक्सियों के लिए पाँच हज़ार रूसी वोल्गा कारें मँगाई जा रही हैं. रूस निर्मित 500 कारों की पहली खेप वहाँ शीघ्र ही पहुँचाई जा रही है. वोल्गा कारें रूसी कंपनी गैज़ बनाती हैं. ये कारें हर तरह के मौसम और हर तरह की परिस्थियों में क़ामयाब मानी जाती हैं.
सद्दाम हुसैन शासन के दौरान गैज़ के साथ हुए समझौते को लेकर विशेषज्ञों को आशंका है कि मौजूदा इराक़ी प्रशासन उसका पूरी तरह पालन करेगा. हालाँकि इराक़ की जेनरल व्हेकिल एजेंसी के एक अधिकारी ने रॉयटर समाचार एजेंसी को बताया, "हम पिछले समझौतों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं, लेकिन आयात में अमरीकी कारों को भी शामिल किया जा रहा है." अधिकारी ने कहा कि इराक़ी अधिकारियों का एक दल 300 वोल्गा कारों की पहली खेप प्राप्त करने के लिए जॉर्डन के अक़ाबा बंदरगाह पहुँच चुका है. इसके साथ ही ख़बर है कि इराक़ निशान और पजो समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय ब्रांड की 11 हज़ार गाड़ियाँ भी ख़रीद रहा है. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||