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नौकरियाँ भारत चले जाने पर चिंता
ब्रिटेन के सबसे बड़े उद्योग संगठनों में से एक सीबीआई यानि 'कनफ़ेडरेशन ऑफ़ ब्रिटिश इंडस्ट्रीस' ने ब्रिटेन से नौकरियों को भारत और चीन भेजे जाने पर चिंता जताई है. ये मामला सीबीआई के सालाना सम्मेलन में उठा है. इस उद्योग संगठन ने इस विषय में एक सर्वेक्षण कराया है जिसमें 250 कंपनियों के उच्च अधिकारियों से बात की गई है. इस सर्वेक्षण में पाया गया कि ब्रिटेन की छोटी कंपनियाँ भी अपने दफ़्तर बंद कर भारत और चीन ले जा रही हैं. पहले तो केवल वो नौकरियाँ ही विकासशील देशों में भेजी जाती थीं जिनमें किसी विशेष कौशल की ज़रूरत नहीं होती थी. लेकिन अब कंप्यूटर, कॉल सेंटर, टेक्निकल सपोर्ट और अन्य क्षेत्रों से संबंधित नौकरियाँ भी इन देशों में भेजी जा रही हैं. ब्रिटेन से नौकरियों का विकासशील देशों में जाना यहाँ एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है. सोमवार को लंदन के लगभग सभी प्रमुख अख़बार जैसे फ़ाइनेंशियल टाइम्स, गार्डियन, डेली मिरर और डेली मेल में इस समाचार को प्रमुखता से छापा गया है. हाल ही में ब्रिटिश टेलीकॉम, एचएसबीसी और लॉयड्स बैंक जैसी कंपनियों ने भी पैसा बचाने के लिए भारत में दफ़्तर खोल दिए हैं. उद्योग संगठनों को डर है कि ऐसे कदमों से ब्रिटेन में बेरोज़गारी बढ़ेगी. सर्वेक्षण में पाया गया कि ब्रिटेन में 43 फ़ीसदी कंपनियों पर दबाव है कि वो भी अपने दफ़्तर या नौकरियाँ बाहर भेजें जबकि 29 फ़ीसदी कंपनियों ने तो ऐसा करना शुरू भी कर दिया है. |
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