|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
क्रेडिट कार्ड घपलों से सावधान
आजकल पूरी दुनिया में ख़रीददारी के लिए क्रेडिट कार्ड का चलन बहुत बढ़ गया है क्योंकि इससे बहुत आसानी होती है. जेब में रक़म रखने की ज़रूरत नहीं होती और आज के दौर में क्रेडिट कार्ड एक तरह से अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बन चुका है. लेकिन क्रेडिट कार्ड रखने और उससे ख़रीददारी करने के जहाँ फ़ायदे हैं वहीं बहुत से नुक़सान भी हैं. ज़रा सी चूक होने पर क्रेडिट कार्ड किसी का बैंक खाता बिल्कुल ख़ाली भी करा सकता है. क्रेडिट कार्ड से भुगतान पर नज़र रखने वाली संस्था ने आगाह किया है कि कार्ड सेवाओं में घपले बढ़ते जा रहे हैं और क्रेडिट कार्ड से घपला करने वाले हर एक मिनट में 800 पाउंड यानी क़रीब साठ हज़ार रूपए का चूना लगा देते हैं. ब्रिटेन की एसोसिएशन ऑफ़ पेयमेंट क्लीयरिंग सर्विसेज़ (अपेक्स) का कहना है कि ज़्यादातर लोग यह नहीं समझते हैं कि क्रेडिट कार्ड से ख़रीददारी करने पर जो रसीद मिलती है उसमें तमाम जानकारी होती है जिसके आधार पर आसानी से गड़बड़ी की जा सकती है. क्रेडिट कार्ड के घपले करने वाले अक्सर इसी जानकारी की तलाश में रहते हैं और उन्हें अगर ऐसी रसीद मिल जाती है तो उनकी चाँदी हो जाती है. अपेक्स ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे क्रेडिट कार्ड से ख़रीददारी करने के बाद रसीद और बैंक स्टेटमेंट को नष्ट करते रहें या फिर बहुत ही सुरक्षित स्थान पर रखें. अपेक्स का कहना है कि पिछले दो साल में क्रेडिट कार्ड के घपलों में 33 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है. क्रेडिट कार्ड के घपले रोकने के लिए हाल ही में कुछ उपाय किए गए जैसेकि कार्ड में एक छोटी सी चिप लगाना और एक गुप्त पिन रखना जिसे ख़रीददारी के समय भरने की ज़रूरत होती है. कुछ कार्डों से ख़रीददारी करते समय रसीद पर दस्तख़त करने होते हैं जबकि कुछ मामलों में पिन यानी गुप्त नंबर भरना होता है. लेकिन अपेक्स का कहना है कि इन उपायों से भी इन घपलों में कोई ज़्यादा कमी नहीं आई है. बेख़बरी ख़तरनाक ख़ासतौर से टेलीफ़ोन और इंटरनेट के ज़रिए ख़रीददारी करने में ज़्यादा घपले होते हैं क्योंकि कोई भी किसी का भी कार्ड चुराकर उसका विवरण दे सकता है और उसमें न तो पिन भरने की और न ही दस्तख़त करने की ज़रूरत होती है. अपेक्स का कहना है कि ब्रिटेन में किसी के क्रेडिट कार्ड चुराकर उससे टेलीफ़ोन या इंटरनेट के ज़रिए हर दिन क़रीब तीन लाख पाउंड यानी पच्चीस करोड़ रूपए की घपलेबाज़ी हुई. इस तरह एक साल में क़रीब ग्यारह करोड़ पाउंड यानी क़रीब आठ अरब रूपए का घपला होता है. अपेक्स ने 2000 लोगों के साथ एक सर्वे करके पाया है कि तीन में से एक व्यक्ति अपनी रसीदें, बैंक स्टेटमेंट और क्रेडिट कार्ड से की गई ख़रीददारी के स्टेटमेंट नष्ट नहीं करते हैं. 19 प्रतिशत लोग ऐसे भी थे जिन्होंने टेलीफ़ोन या इंटरनेट के ज़रिए ख़रीददारी के लिए दूसरे लोगों को अपने क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने की इजाज़त दी. पाँच में से एक व्यक्ति का कहना था कि वे या तो अपने स्टेटमेंट देखते ही नहीं हैं या फिर बहुत कम देखते हैं. 17 प्रतिशत ऐसे भी थे जो इस बात से बिल्कुल भी परेशान नहीं थे कि ख़रीददारी के दौरान कोई भी उनका क्रेडिट कार्ड देख ले या उसका विवरण जान ले. खोए हुए या चुराए हुए क्रेडिट कार्ड से एक साल में क़रीब साढ़े दस करोड़ पाउंड का चूना लगा. क्या आप अपना क्रेडिट या डेबिट कार्ड इस्तेमाल करते वक़्त सावधानी बरतते हैं? क्या आपको कार्डों से ख़रीददारी में एहतियाती उपायों की पूरी जानकारी है? आप अपने विचार ऊपर दाईं तरफ़ दिए फ़ॉर्म का इस्तेमाल करते हुए अंग्रेज़ी या रोमन लिपि में भेज सकते हैं. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||