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अमरीका की अर्थव्यवस्था में सुधार
अमरीका की अर्थव्यवस्था में जुलाई से सितंबर के बीच काफ़ी तेज़ी आई है और वहाँ व्यापारिक निवेश भी बढ़ा है. इस वृद्धि की वजह उपभोक्ताओं की ओर से ख़रीदारी में बढ़ोत्तरी को बताया जा रहा है. साल की तीसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था में काफ़ी तेज़ी आई है और अगर ये ही दर साल भर तक रही तो ये दर 7.2 प्रतिशत के लगभग होगी. ये दर दूसरी तिमाही की दर से दोगुनी है और प्रेक्षकों के आकलन से कहीं ज़्यादा है. किसी भी तिमाही में ये बढ़ोत्तरी 1984 के बाद से सबसे ज़्यादा है और इसकी वजह उपभोक्ताओं की ओर से ख़र्च में 6.6 प्रतिशत तक की बढ़त को माना जा रहा है. अमरीका के वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार करों में कटौती की वजह से ख़र्च में ये बढ़त मानी जा सकती है. मगर अर्थव्यवस्था में इस ज़बरदस्त बढ़त के बावजूद कुछ अर्थशास्त्री इस बात की चेतावनी दे रहे हैं कि अमरीका में नौकरियों की सूखे की स्थिति अगर नहीं सुधरी तो अंतिम तिमाही और अगले साल के लिए चार प्रतिशत वृद्धि की भविष्यवाणी डगमगा भी सकती है. उत्पादकता में बढ़ोत्तरी के बावजूद देश में रोज़ग़ार के 30 लाख अवसर कम हुए हैं, जिससे साफ़ पता चल रहा है कि कंपनियाँ वेतन बढ़ाने की बजाए कर्मचारियों से कुछ ज़्यादा ही काम ले रही हैं. अर्थशास्त्रियों का कहना है कि भावी बढ़ोत्तरी इस बात पर निर्भर करेगी कि इससे रोज़ग़ार के कितने अवसर बनते हैं. व्यापक आधार मगर ये सिर्फ़ उपभोक्ता ही नहीं थे जो कि कार जैसी चीज़ें ख़रीदने के लिए उमड़ पड़े और इसकी वजह से अर्थव्यवस्था में बढ़ोत्तरी हुई. इसके लिए व्यापार जगत में भी उत्साह दिखा जैसा कि सितंबर 2001 के पहले हुआ करता था. इस तिमाही में व्यापार निवेश में भी 11.1 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई. इसके पीछे कम्प्यूटर सॉफ़्टवेयर और उपकरण जैसे क्षेत्रों में पिछले साल के मुक़ाबले 15 प्रतिशत की बढ़त को माना जा रहा है. हालाँकि कंपनियाँ अब भी कुछ सावधानी तो बरत ही रही हैं. इसके अलावा आयात और निर्यात का घटता अंतर भी इस वृद्धि की एक वजह मानी जा रही है. जिसके लिए अमरीका में बने उत्पादों की बिक्री बढ़ना ज़िम्मेदार है. |
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