You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टोर ओरबान क्या यूरोपीय संघ के कामकाज़ को प्रभावित करेंगे?
हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टोर ओरबान एक ऐसे यूरोपीय नेता हैं जो दूसरे यूरोपीय नेताओं की तुलना में यूरोपीय संघ के मूल्यों का सबसे कम पालन करते हैं.
उन्होंने रूस के ख़िलाफ़ लड़ाई में यूक्रेन का समर्थन करने के प्रस्ताव को वीटो कर दिया था यानी उसका विरोध किया था. जलवायु परिवर्तन से निपटने की नीतियों की आलोचना की थी और यूरोपीय संघ की प्रवासन नीति में सुधार का भी विरोध कर उसे ब्लॉक कर दिया.
उन्हें नीतियों में अड़ंगा डालने वाले नेता के रूप में देखा जाने लगा है. लेकिन 1 जुलाई 2024 से हंगरी को छ: महीने के लिए यूरोपीय संघ की परिषद की अध्यक्षता मिल गयी है. यूरोपीय संघ की परिषद की अध्यक्षता इसके सदस्यों को बारी बारी से दी जाती है.
इस परिषद में यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के मंत्री बैठक करते हैं, जिसमें कानून और नीतियां बनाने पर चर्चा की जाती है और फ़ैसले लिए जाते हैं. तो इस सप्ताह दुनिया जहान में हम यही जानने की कोशिश करेगे कि यूरोपीय संघ के लिए हंगरी की अध्यक्षता क्या मायने रखती है?
प्रेजेंटर: मोहनलाल शर्मा
वीडियो: रुबाइयत बिस्वास
ऑडियो: तिलक राज भाटिया
प्रोडक्शन डिज़ाइन: काशिफ़ सिद्दीक़ी