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दक्षिण अमेरिकी प्रवासियों के बीच 'कॉमरेड कमला' वाले मीम्स क्यों हो रहे हैं वायरल?
- Author, इयोन वेल्स और जेसिका क्रूज़
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
अमेरिका में लैटिन अमेरिकी देशों (जैसे- क्यूबा और वेनेजुएला) के निर्वासित लोगों के बीच एक प्रश्न पूछा जा रहा है: 'क्या कमला हैरिस वास्तव में कम्युनिस्ट हैं?'
अमेरिका में स्पेनिश भाषा के सबसे बड़े संस्थान 'फैक्टचेकएडो' के मुताबिक़, राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार बनने के बाद से उपराष्ट्रपति के बारे में कई भ्रामक दावे किए गए हैं कि वो समाजवादी या कम्युनिस्ट हैं.
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के दावे क्यूबा और वेनेजुएला जैसे देशों में दमन से बचकर आए कुछ वोटरों के असल डर का फायदा उठाते हैं.
एक वायरल वीडियो में कमला हैरिस और उनकी डेमोक्रेटिक पार्टी से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार टिम वाल्ज़, एक अति-वामपंथी समूह 'रिवोल्यूशनरी कम्युनिस्ट्स ऑफ़ अमेरिका' के साइनबोर्ड के सामने सेल्फ़ी के लिए पोज़ देते हुए दिखाई दे रहे हैं.
यह वीडियो फे़क है. इसके बैकग्राउंड के साथ डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों के एक ग्रुप ने छेड़ाछाड़ की है, जिसे 'डिली मीम टीम' के नाम से जाना जाता है.
उनके इस वीडियो को चार लाख 20 हज़ार से अधिक बार देखा गया, लेकिन इसे कई स्पेनिश अकाउंट द्वारा शेयर किया गया और इसे ऑफलाइन भी फैलाया गया.
दक्षिण फ्लोरिडा की सांस्कृतिक मामलों की रणनीतिकार एवलिन पेरेज़-वेर्डिया ने बीबीसी को बताया, "हर जगह यही संदेह है कि 'क्या वो कम्युनिस्ट हैं?'
वह मियामी में स्पेनिश भाषा के एक रेडियो स्टेशन ला नुएवा पोडेरोसा पर कार्यक्रम सुन रही थीं, तभी उन्होंने होस्ट को झूठे मीम पर चर्चा करते सुना.
उन्होंने कहा, "क्या आपने उन्हें (कमला हैरिस) उस तस्वीर के सामने खड़े देखा? उन्हें इस बात में कोई शर्म नहीं है कि वे कौन हैं."
उन्होंने स्टेशन से संपर्क करके बताया कि यह एक फ़र्जी वीडियो है.
बाद में होस्ट ने ऑन एयर कहा कि वो यह स्पष्ट करना चाहते थे कि वीडियो से जुड़ी यह कहानी सच नहीं है, लेकिन इससे "इस सच्चाई से पर्दा नहीं उठता कि कमला एक मार्क्सवादी हैं".
'असल डर' का एक हथियार की तरह इस्तेमाल
अमेरिका में क़रीब 3.62 करोड़ लैटिन मतदाता हैं, जो अमेरिका के कुल मतदाताओं का लगभग 14.7% है. इनमें से कई वोटर नेवाडा और एरिज़ोना जैसे प्रमुख निर्णायक राज्यों में रहते हैं, जो उन्हें दोनों उम्मीदवादों के लिए अहम बनाता है.
वो एक तरीके के पैटर्न में वोटिंग नहीं करते हैं लेकिन ऐतिहासिक रूप से, लैटिन समुदाय ने डेमोक्रेटिक पार्टी का समर्थन किया है. साल 2020 के चुनाव में इनकी 44 फ़ीसदी आबादी ने बाइडन को वोट दिया था जबकि ट्रंप के पक्ष में केवल 16 फ़ीसदी लोगों ने मतदान किया था.
लेकिन सर्वेक्षणों से पता चल रहा है कि अभी रिपब्लिकन पार्टी ने बढ़त हासिल की है, जिसमें अर्थव्यवस्था, इमिग्रेशन और गर्भपात के अधिकार सहित मुद्दे शामिल हैं
कुछ आप्रवासियों को आज के अमेरिका के बारे में चिंताएं उनके अपने देश में पिछले अनुभवों को याद दिलाती हैं.
जानकारों ने बताया कि "समाजवाद" या "साम्यवाद" के बारे में चेतावनी देने वाले राजनीतिक संदेश ख़ास तौर पर क्यूबा और वेनेजुएला से आने वाली बड़ी आबादी वाले समुदायों में प्रचलित हैं, जैसे कि दक्षिण फ्लोरिडा में.
फ्लोरिडा के मियामी में रहने वाली वेनेजुएला मूल की अमेरिकी समंथा बरिओस डेमोक्रेटिक पार्टी को वोट देती हैं. उनका कहना है कि ये प्रवासी ख़ास तौर पर कम्युनिज़्म के बारे में ग़लत सूचनाओं के प्रति संवेदनशील हैं, क्योंकि कम्युनिट शासन वाले देशों से भागने के दौरान उन्हें काफ़ी मानसिक आघात का सामना करना पड़ा है.
उन्होंने दक्षिणपंथी स्पेनिश मीडिया पर ''वेनेजुएला, क्यूबा और निकारागुआ के लोगों को डराने'' के लिए इन शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.
वो कहती हैं, 'ऐसा इसलिए है क्योंकि हमारे अपने देशों को छोड़ने और इन शासनों को छोड़ने का प्रयास करने का मुख्य कारण यही है.
कुछ लोगों के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की आलोचना इस राय पर आधारित है कि अमेरिकी सरकार ने क्यूबा या वेनेजुएला में राजनीतिक दमन का पर्याप्त और कठोर जवाब नहीं दिया है.
लेकिन समंथा बरिओस इस बात से चिंतित हैं कि 'कमला हैरिस ख़ुद एक कम्युनिस्ट हैं', इस तरह के झूठे दावों को ज़रिए असल चिंताओं को एक हथियार बनाया जा रहा है.
पेरेज़ वेर्डिया इस बात से सहमत हैं, लेकिन उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी के चुनाव अभियान की भी आलोचना की कि वह उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहे हैं.
उनका कहना है, "लोगों के डर को हंसी में मत उड़ाइए. यह वास्तव में अपमानजनक है. लोगों के मन में वाकई डर है, वे अमेरिका आए और उन्होंने सब कुछ पीछे छोड़ दिया. अगर उन्हें कोई संदेह है तो आपको उन संदेहों दूर करने चाहिए."
डिबेट के बाद बढ़े दावे?
डिजिटल डेमोक्रेसी इंस्टीट्यूट ऑफ़ द अमेरिकाज़ (डीडीआईए) स्पेनिश और पुर्तगाली भाषा में 1300 से अधिक व्हाट्सएप ग्रुपों और 200 से अधिक टेलीग्राम चैनलों पर नज़र रखता है.
इस संगठन का कहना कि सभी दावे केवल लैटिन लोगों को टारगेट करके नहीं किए गए हैं.
संगठन ने पाया है कि जाने-माने दक्षिणपंथी और ट्रंप समर्थक अभिनेताओं और प्रभावशाली लोगों ने साल 2020 से ही 'समाजवाद का डर' फैलाया है.
इससे पहले जो बाइडन पर राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने के दौरान कम्युनिस्ट होने का आरोप लगाया गया था.
फैक्टचेकएडो की संस्थापक, लॉरा ज़ोमर का कहना है कि उनके फैक्ट चेक करने वालों ने तब पहले कभी भी इतनी बड़ी मात्रा में एआई और छेड़छाड़ की गई तस्वीरें नहीं देखी थीं.
इनमें से कुछ गलत सूचनाएं ख़ुद ट्रंप या उनके हाई-प्रोफ़ाइल समर्थकों ने फैलाई हैं.
ट्रंप का समर्थन करने वाले और एक्स के कर्ता-धर्ता एलन मस्क ने कम्युनिस्ट निशान हथौड़ा और दरांती से सजी लाल वर्दी में कमला हैरिस की एक नकली तस्वीर पोस्ट की.
इसका शीर्षक था, "कमला ने पहले दिन कम्युनिस्ट तानाशाह बनने की कसम खाई. क्या आप यकीन कर सकते हैं कि उन्होंने यह ड्रेस पहनी है!?"
इसे 8.39 करोड़ से ज़्यादा बार देखा गया. रिवर्स इमेज़ सर्च से पता चलता है कि यह तस्वीर एक्स पर इसी पोस्ट के ज़रिए पहली बार सामने आई थी.
डोनाल्ड ट्रंप ने कमला हैरिस द्वारा कम्युनिस्ट भीड़ को संबोधित करते हुए एक एआई वाली तस्वीर शेयर की, जिसे एक्स पर कम से कम 8.15 करोड़ बार देखा गया. लेकिन इस तस्वीर से जुड़ी यह पहली पोस्ट नहीं थी.
बीबीसी के लिए तैयार की गई डीडीआईए की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हैरिस को कम्युनिज़्म से जोड़ने वाले पोस्ट वास्तव में राष्ट्रपति पद की टीवी डिबेट के बाद ऑनलाइन प्रचलन में आई.
बहस के दौरान, डोनाल्ड ट्रंप ने कमला हैरिस और उनके पिता को 'मार्क्सवादी' कहा था और यह भी कहा कि वह अपनी इमिग्रेशन नीतियों के कारण अमेरिका को 'वेनेजुएला' में बदल देंगीं.
बहस के बाद, सोशल मीडिया पर "मार्क्सवादी" ट्रेंड करने लगा और अमेरिका में गूगल पर "मार्क्सवादी" शब्द की सर्च 17 घंटों में एक हज़ार फ़ीसदी बढ़ गई.
फैक्टचेकएडो ने कहा कि बहस के बाद स्पेनिश में सबसे अधिक सर्च किया गया सवाल था- "कमला हैरिस के पिता कौन हैं?"
डीडीआईए ने कहा कि राष्ट्रपति पद की बहस के बाद के सप्ताह में विशेष रूप से दो दावों ने ज़ोर पकड़ा.
मेटा के अपने मेट्रिक्स के मुताबिक़, ''एक पोस्ट में कमला हैरिस के रूसी कम्युनिस्ट पार्टी की सदस्य होने का झूठा दावा करने वाला एक मनगढ़ंत दस्तावेज़ वायरल हो गया."
"दूसरा दावा 'हैरिस कमला कॉमरेड', इसकी शुरुआत ट्रंप के भाषण से हुई जिसमें उन्होंने कमला को "कम्युनिस्ट कॉमरेड" के रूप में बताया था.''
बीबीसी वेरिफाई ने सदस्यता कार्ड की तस्वीर को एक वेबसाइट पर खोजा जो लोगों को नकली कम्युनिस्ट पार्टी दस्तावेज़ बनाने की अनुमति देती है.
कार्ड पर सदस्यता संख्या, स्टाम्प और अन्य विवरण पार्टी सदस्यता कार्ड बनाने के लिए साइट पर मौजूद टेम्पलेट के समान थे.
अगस्त में पहली बार साझा की गई इस फ़र्ज़ी तस्वीर को अब तक पांच लाख से अधिक बार देखा जा चुका है.
'हम कम्युनिज़्म की ओर जा रहे हैं'
डेमोक्रेटिक पार्टी समाजवादी पार्टी नहीं है और न ही यह कम्युनिस्ट शासन का समर्थन करने का दावा करती है.
लेकिन बर्नी सैंडर्स और एलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज़ जैसे कुछ हाई-प्रोफाइल नेताओं ने अपने राजनीतिक विचारों को "लोकतांत्रिक समाजवादी" बताया है.
जब कमला हैरिस कैलिफ़ोर्निया की सीनेटर थीं तो उन्होंने बर्नी सैंडर्स के मेडिकेयर फॉर ऑल बिल को उनके साथ पेश किया था. यह बिल अमेरिका में एकल-भुगतानकर्ता स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की सुविधा देता है.
उसके बाद उन्होंने कहा है कि वह अब इस प्रणाली का समर्थन नहीं करती हैं, जो निजी बीमा कंपनियों को ख़त्म कर देती है.
उन्होंने कभी भी कम्युनिस्ट नीतियों, जैसे निजी संपत्ति का उन्मूलन या ज़ब्ती की वकालत नहीं की.
सुपरमार्केट में "कीमत बढ़ाने" पर नकेल कसने की कमला हैरिस की योजना को स्पेनिश सोशल मीडिया पोस्ट में "कम्युनिस्ट" बताया गया है.
इस पर एलन मस्क ने दावा किया कि इसका मतलब होगा "वेनेजुएला की तरह खाली अलमारियाँ".
उनका प्रस्ताव, जिसमें ट्रेड कमीशन से उत्पादन लागत में वृद्धि से कहीं अधिक मूल्य वृद्धि की जांच करने के लिए कहा गया है, वो क्यूबा और वेनेजुएला में देखे गए कीमतों को नियंत्रण करने वाले क़दम से बहुत दूर है.
इसे उन देशों में खाने-पीने की चीज़ों की आंशिक रूप से गंभीर कमी के लिए ज़िम्मेदार ठहराया गया था.
लेकिन उन देशों से भागकर आए कुछ मतदाताओं को डर इस बात से है कि कहीं ऐसी कोई बात न हो जो उन देशों की नीतियों से थोड़ी भी मिलती-जुलती हो, जहां से वे आए हैं.
ड्यूक मचाडो, जो टेक्सास में लैटिनो स्ट्राइकफ़ोर्स नामक फे़सबुक पेज चलाते हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें डर है कि यदि डेमोक्रेटिक पार्टी जीत गई, तो देश कम्यनिज़्म की ओर फिसलन भरी ढलान पर चला जाएगा.
वो कहते हैं, "अगर हम सावधान नहीं रहे, तो हम क्यूबा और वेनेजुएला की तरह ही आगे बढ़ जाएंगे. उनका अंतिम लक्ष्य पूंजीवाद को नष्ट करना है."
जब उनसे पूछा गया कि क्या यह डर उनके पेज के फॉलोअर्स के साथ शेयर करना ज़िम्मेदाराना थी कि डेमोक्रेटिक पार्टी अमेरिका को कम्युनिस्ट देश में बदल सकती है?
इस पर उन्होंने कहा: "यह बिल्कुल भी गैर-ज़िम्मेदाराना नहीं है. मैं इसे एक कर्तव्य के रूप में देखता हूँ."
(बीबीसी वेरीफ़ाई से केलीन डेवलिन के सहयोग के साथ)
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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