बागपत के जैन मंदिर में मचान गिरने से सात लोगों की मौत, कई ज़ख़्मी

बागपत

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इमेज कैप्शन, स्तंभ तक जाने के लिए ये मचान बनाया गया था जो मंगलवार सुबह गिर गया
    • Author, पारस जैन
    • पदनाम, बागपत से, बीबीसी हिन्दी के लिए

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत में भगवान आदिनाथ के निर्वाण लड्डू पर्व के दौरान हुए हादसे में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई है.

यह हादसा बड़ौत के गांधी रोड पर मानस्तम्भ परिसर में हुआ है.

मेरठ मंडल के कमिश्नर ऋषिकेश भास्कर यशोद ने कहा कि अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. भास्कर ने कहा कि हादसे की जांच की जा रही है और ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई होगी.

बागपत की ज़िलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया, “लकड़ी का एक स्ट्रक्चर गिर गया था, जिसमें कम से कम 40 लोग घायल हो गए हैं.”

अस्मिता लाल ने बताया, “इस हादसे में सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. कुछ घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया है जबकि 20 लोग अस्पताल में भर्ती हैं.”

ज़िले के पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि इस मचान को बनाने के लिए अनुमति ली गई थी.

घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया

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उन्होंने कहा, “ये कार्यक्रम 25 सालों से चल रहा है और हर साल इस तरह का मचान बनाया जाता है. इसके लिए अनुमति भी ली गई थी. हादसा क्यों हुआ ये जांच के बाद ही पता चल सकेगा.”

ये हादसा सुबह उस समय हुआ, जब बड़ौत के गांधी रोड स्थित मानस्तंभ परिसर में भगवान आदिनाथ को लड्‍डू का भोग चढ़ाया जा रहा था.

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स्तंभ तक जाने के लिए ऊंचा मचान बनाया गया था, जिसका एक हिस्सा अचानक गिर गया.

हादसे के समय परिसर में सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे. पुलिस के मुताबिक़, 50 से अधिक लोग इस लकड़ी के मचान के नीचे दब गए.

चश्मदीदों के मुताबिक़, घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया. कुछ घायलों को ई-रिक्शा और ठेलों पर रखकर अस्पताल ले जाना पड़ा.

चश्मदीदों के मुताबिक़,, ''हादसे के तुरंत बाद लोगों ने घायलों को बल्लियों से बाहर निकालना शुरू किया. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घटना की सूचना मिलते ही मौक़े पर पहुँच गए थे.''

इस हादसे में कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं. ये घटनास्थल पर सुरक्षा के इंतज़ाम में तैनात थे.

बागपत के पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय और ज़िलाधिकारी अस्मिता लाल घटना स्थल पर पहुंचे और बचाव कार्य का जायज़ा लिया.

घटना के चश्मदीद राजन जैन ने बीबीसी को बताया, “मेरा घर ठीक मानस्तंभ के सामने है. अचानक तेज़ आवाज़ आई. मैं बाहर निकला तो देखा मचान गिर रहा है. धड़ाधड़ बल्लियां नीचे गिर रहीं थीं और लोग बचाओ-बचाओ चिल्ला रहे थे. क़रीब 100-150 लोग बल्लियों के नीचे फंसे थे.”

राजन जौन घटना के बाद तुरंत मौके पर पहुंचे थे, उन्होंने कई लोगों को अस्पताल पहुंचाया

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राजन जैन कहते हैं, “तुरंत एम्बुलेंस के लिए फ़ोन किया गया था लेकिन एम्बुलेंस को पहुँचने में समय लग रहा था इसलिए लोगों ने ई-रिक्शा और अन्य साधनों से लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया. थोड़ी देर बाद एम्बुलेंस भी आ गई.”

राजन जैन कहते हैं, “इस मचान की ऊंचाई क़रीब 70-80 फिट थी. ये कार्यक्रम साल में एक बार होता है और हर साल इसी तरह से लकड़ी से मचान बनाया जाता है. इस बार ये हादसा क्यों हुआ, ये जांच का विषय है.”

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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