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शबाना आज़मी, वो अभिनेत्री जो अपनी बेबाकी के लिए जानी गईं
शबाना आज़मी, वो अभिनेत्री जो अपनी बेबाकी के लिए जानी गईं
आमतौर पर हिंदी सिनेमा में जब हीरोइन को लॉन्च किया जाता है तो पूरा ध्यान ग्लैमर, डिज़ाइनर कपड़ों और सपनीले रोमांटिक किरदार और गीतों पर दिया जाता है.
1974 में इस पूरी धारणा को तहस-नहस करते हुए एक अभिनेत्री को हिंदी सिनेमा में लॉन्च किया गया.
वो अभिनेत्री शबाना आज़मी थीं, जिन्होंने श्याम बेनेगल की फ़िल्म, अंकुर (1974) के साथ हिंदी सिनेमा में अपनी एक अलग धमक दी और जिनका जलवा बीते 50 सालों से कायम है.
फिल्म इतिहासकार यासिर उस्मान से सुनिए शबाना के भारतीय सिनेमा में 50 सालों के यादगार सफ़र की दास्तां.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित