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बुकर प्राइज़ जीतने वाली बानू मुश्ताक़ के ख़िलाफ़ फ़तवा क्यों जारी हुआ था?
बुकर प्राइज़ जीतने वाली बानू मुश्ताक़ के ख़िलाफ़ फ़तवा क्यों जारी हुआ था?
भारतीय लेखिका, वकील और एक्टिविस्ट बानू मुश्ताक़ को लघु कथा संकलन 'हार्ट लैंप' के लिए हाल में अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार दिया गया है.
कन्नड़ भाषा में लिखी गई यह पहली किताब है, जिसे यह प्रतिष्ठित पुरस्कार हासिल हुआ है.
इससे पहले साल 2022 में गीतांजलि श्री की पुस्तक 'टूम्ब ऑफ़ सैंड' को ये पुरस्कार मिला था.
बीबीसी के लिए इमरान क़ुरैशी ने बानू मुश्ताक़ से उनके साहित्य के सफ़र, ज़िंदगी की चुनौतियों और लेखन के आयामों पर तफ़्सील से बातचीत की.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित