गज़ा में रहने वाली एक माँ की डायरी
गज़ा में रहने वाली एक माँ की डायरी
ग़ज़ा में इसराइली हमले जारी हैं. इस बीच वहां ऐसी कोई जगह नहीं है, जिसे सुरक्षित कहा जाए. जंग के दौरान बच्चों को सुरक्षित रखना बेहद चुनौती भरा है.
गज़ा में रहने वालीं जुमाना एमाद ने ग़ज़ा में जंग शुरू होने के छह दिनों बाद, 13 अक्तूबर 2023 को अपनी सबसे छोटी बेटी थलिया को जन्म दिया था.
तब से अब तक जुमाना के परिवार को नौ बार विस्थापित होना पड़ा है. जुमाना बतौर मां अपने रोज़ के अनुभव बीबीसी के साथ साझा करती आ रही हैं. देखिए उनका संघर्ष बीबीसी की इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.



