महाराष्ट्र चुनाव में कौन पड़ेगा किस पर भारी? - द लेंस
लोकसभा चुनाव के बाद जिन राज्यों के नतीजों पर ख़ास चर्चा हुई थी उनमें उत्तर प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र का भी नाम प्रमुखता से आया था.
एक ऐसा राज्य जिसमें पिछले पाँच साल में लोगों ने राजनीतिक अवसरवाद के नए आयाम देखे. कौन किसके साथ चुनाव लड़ा, किसके साथ सरकार बनी, रातों-रात शपथ से लेकर, कैसे पार्टियां टूटीं तक.
इसी के चलते लोकसभा चुनाव से पहले तक विश्लेषक इस पर निश्चित रूप से कुछ नहीं कह पा रहे थे कि नतीजे किसकी ओर जा सकते हैं.
लोगों ने देखा कि उद्धव ठाकरे वाले शिवसेना गुट, कांग्रेस और शरद पवार वाले एनसीपी गुट की महाविकास अघाड़ी को 30 तथा भाजपा, एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना और अजित पवार वाली एनसीपी की महायुति को 17 सीटें मिलीं. यानी जनता ने अपना झुकाव महाविकास अघाड़ी की ओर दिखाया.
राजनीति में कुछ महीने कम नहीं होते और न ही लोकसभा या विधानसभा चुनाव के नतीजों को एक-दूसरे से जोड़कर देखना चाहिए क्योंकि आख़िर राजनीति सिर्फ़ मैथ्स नहीं बल्कि कैमिस्ट्री की तरह बताई जाती है.

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अब ये कैमिस्ट्री कैसी दिख रही है, किस दिशा में जाती दिख रही है और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में किसका पलड़ा भारी दिख रहा है.
इसी पर बात कर रहे हैं कलेक्टिव न्यूज़रूम के डायरेक्टर ऑफ़ जर्नलिज़्म मुकेश शर्मा के साथ पुणे में सकाल टाइम्स के रेज़िडेंट एडिटर रोहित चंदावरकर, सी-वोटर के प्रमुख यशवंत देशमुख और बीबीसी मराठी के एडिटर अभिजीत कांबले.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित



