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पुलिस विभाग और अफ़सरशाही में जातिगत भेदभाव कितना गहरा है?
भारत में दलितों के साथ भेदभाव और शोषण का इतिहास लंबा रहा है.
हाल ही में हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पूरन कुमार की आत्महत्या से लेकर सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस पर जूता फेंके जाने की घटनाओं ने ये सवाल फिर खड़ा कर दिया है कि क्या ऊंचे पदों पर पहुंचने के बाद भी दलितों को जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ता है?
इसे समझने के लिए बीबीसी हिन्दी ने उन लोगों से बात की जिन्होंने पुलिस और प्रशासनिक सेवाओं में अहम पदों पर काम किया है. इसी पर देखिए ये ग्राउंड रिपोर्ट.
रिपोर्ट: अभिनव गोयल
एडिट: अरीबा अंसारी, देवाशीष कुमार
सहयोग: सैय्यद मोज़िज इमाम, तारिक ख़ान, मोहर सिंह मीणा, प्रशांत पांडे
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित