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पाकिस्तान: इमरान ख़ान की पीटीआई ने विरोध के लिए कसी कमर, सियासी जोड़तोड़ में जुटी नवाज़ शरीफ़ की पार्टी
आठ फरवरी को पाकिस्तान की नेशनल असेंबली और चार प्रांतीय विधानसभाओं के लिए मतदान हुआ. मतों की गिनती का काम उसी शाम शुरू हो गया था लेकिन नतीजे आते-आते तीसरा दिन हो गया.
266 सीटों वाली नेशनल असेंबली में अब तक इमरान ख़ान (पाकिस्तान तहरीक़े-इंसाफ़, पीटीआई) समर्थित 93 उम्मीदवारों को जीत मिली है, वहीं नवाज़ शरीफ़ के नेतृत्व वाली पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज़ (पीएमएल-एन) को 75 सीटों पर, बिलावल भुट्टो ज़रदारी के नेतृत्व वाली पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) को 54 सीटों पर और 42 सीटों पर अन्य उम्मीदवारों को जीत मिली है (इनमें 17 सीटों पर एमक्यूएम के उम्मीदवारों की जीत हुई है).
पाकिस्तान चुनाव आयोग की ओर से घोषित किए गए नतीजों के मुताबिक़ चुनाव जीतने वाले निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या 101 है. माना जा रहा है कि इनमें अधिकतर इमरान ख़ान की पार्टी के समर्थन से जीते हैं.
प्रांतीय एसेंबलियों में हुए चुनावों में पंजाब और ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह में इमरान ख़ान समर्थित उम्मीदवारों को अधिक सीटें मिली हैं, वहीं बलूचिस्तान और सिंध में पीपीपी को अधिक सीटें मिली हैं.
जिन सीटों पर मतदान नहीं कराए गए हैं वो हैं- नेशनल असेंबली निर्वाचन क्षेत्र एनए 8 बाजौर, ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र पीके 22 बाजौर और पीके 91 कोहाट और पंजाब विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र पीपी 226 रहीम यार खान.
सरकार बनाने की कोशिशें तेज़
शनिवार को जीत का एलान करने वाली नवाज़ शरीफ़ की पार्टी पीएमएल-एन की नेता मरियम औरंगज़ेब ने कहा है कि रविवार को मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल से पार्टी की मुलाक़ात हुई है.
पीएमएल-एन की तरफ से नवाज़ शरीफ़ के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और मरियम नवाज़ शरीफ़ भी मौजूद रहेंगी.
एमक्यूएम का नेतृत्व डॉक्टर ख़ालिद मक़बूल सिद्दिक़ी कर रहे हैं लेकिन प्रतिनिधिमंडल में मुस्तफ़ा कमाल, फ़ारुख़ सत्तार और सिंध के राज्यपाल कामरान टेसुरी भी शामिल होंगे.
बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, इस बैठक में नई सरकार बनाने, भविष्य की राजनीतिक रणनीति तैयार करने और अन्य कई महत्वपूर्ण विषयों पर बात होगी.
अभी तक किसी भी पार्टी ने पीएमएल-एन के साथ मिलकर सरकार बनाने का एलान नहीं किया है.
नवाज़ शरीफ़ ने शनिवार को अपने छोटे भाई शहबाज़ शारीफ़ को सरकार बनाने के लिए पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी, मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट, जमीयत उलेमा इस्लाम और अन्य दलों के साथ बातचीत करने का काम सौंपा था.
साल 2022 में इमरान ख़ान के नेतृत्व में पीटीआई सरकार के हाथों से सत्ता फिसल गई और पीएमएल-एन सरकार सत्ता में आई. ये सरकार पीपीपी, एमक्यूएम, जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम और अन्य दलों के गठबंधन से बनी थी, जिसे पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट भी कहा जाता था.
पीटीआई का आरोप
इधर, इमरान ख़ान की पीटीआई ने चुनाव नतीजों में धांधली का आरोप लगाया है और रविवार दोपहर दो बजे से देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की अपील की है. पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में यह फै़सला लिया गया है.
इमरान ख़ान इस समय भ्रष्टाचार के मामले में अडियाला जेल में क़ैद है. वो खुद पर लगे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हैं.
उनकी पार्टी पीटीआई की मान्यता ख़त्म कर दी गई है और इसके चुनाव लड़ने पर पाबंदी है. ऐसे में पार्टी के नेताओं से निर्दलीय उम्मीदवारों के तौर पर चुनाव में उतरने का फ़ैसला किया था.
पीटीआई के चेयरमैन बैरिस्टर गौहर एजाज़ ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दर्जनों सीटों पर धांधली का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि चुनाव अधिकारियों ने नागरिक प्रशासन और पुलिस की मदद से नतीजे बदल दिए. इमरान ख़ान के समर्थन वाले उम्मीदवारों के नतीजे बदल कर उनकी जीत को हार में बदल दिया गया.
पीटीआई के मीडिया सेल के एक प्रतिनिधि ने बीबीसी को बताया कि रविवार दोपहर दो बजे इस्लामाबाद समेत देश के अन्य शहरों में चुनाव अधिकारियों के कार्यालयों के सामने विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.
पीटीआई के इस आरोप को लेकर देश की मौजूदा कार्यवाहक सरकार, पाकिस्तान चुनाव आयोग और पाकिस्तानी सेना की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है.
दरअसल, मतदान के बाद वोटों की गिनती और नतीजों की घोषणा में हो रही देरी ने चुनाव की पूरी प्रक्रिया को लेकर लोगों में संदेह पैदा कर दिया है. राजनीतिक दल आरोप लगा रहे हैं कि राजनीतिक जनादेश चुराने की कोशिश की जा रही है.
सोशल मीडिया वेबसाइट एक्स पर पीटीआई ने एक पोस्ट में लाहौर के लिबर्टी चौक और फै़सलाबाद के घंटा घर और रावलपिंडी में पाकिस्तान चुनाव आयोग के कार्यालय के सामने दो बजे इकट्ठा होने के लिए कहा है. इसके अलावा गुजरांवाला, इस्लामाबाद और दक्षिण पंजाब में भी शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की अपील की गई गई है.
उधर, जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम और जमात-ए-इस्लामी ने भी चुनाव आयोग के विरोध की अपील की है.
इससे पहले इस्लामाबाद पुलिस ने चेतावनी दी है कि शहर में धारा 144 लागू है और लोगों के किसी भी तरह के अवैध जमावड़े के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस का कहना है, "कुछ लोग चुनाव आयोग और अन्य सरकारी संस्थानों के आसपास अवैध रूप से लोगों को इकट्ठा होने के लिए उकसा रहे हैं. भीड़ को उकसाना अपराध है. अवैध रूप से लोग जामा हुए तो क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी."
शनिवार को चुनाव आयोग ने नेशनल असेंबली और प्रांतीय विधानसभाओं के तीन निर्वाचन क्षेत्रों के 43 मतदान केंद्रों पर वोटों की दोबारा गिनती का आदेश दिया है.
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