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डोनाल्ड ट्रंप का भारत पर निशाना, कहा- राष्ट्रपति चुनाव जीता तो मिलेगा जवाब
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से भारत में कुछ अमेरिकी उत्पादों पर लगने वाले ऊंचे टैक्स दरों का मुद्दा उठाया है.
दूसरी बार राष्ट्रपति पद पर बैठने की मंशा रखने वाले ट्रंप ने कहा है कि अगर वो 2024 में चुनाव जीते तो वो भी जवाबी तौर पर भारत पर टैक्स लगाएंगे.
अपने पहले कार्यकाल में ट्रंप ने भारत को 'टैरिफ़ किंग' कहा था और भारत पर अच्छा बर्ताव न करने का आरोप लगाते हुए अमेरिकी बाज़ार में उसे तरजीह देने वाले 'जनरलाइज़्ड सिस्टम ऑफ़ प्रिफ़्रेंसेज़' यानी जीएसपी से भी बाहर कर दिया था.
फॉक्स न्यूज़ बिज़नेस के वरिष्ठ पत्रकार लैरी कडलो को दिए इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने कथित ऊंची टैरिफ़ दरों को लेकर भारत पर कई वार किए.
ट्रंप ने क्या-क्या कहा?
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "एक चीज़ जो मैं चाहता हूं वो ये कि बराबर टैक्स हो. अगर भारत हम पर टैक्स लगाता है- भारत बहुत ज़्यादा टैरिफ़ लगाता है. मेरा मतलब है, मैंने ये हार्ले डेविडसन (बाइक) के मामले में देखा है. मैं ये कहता था कि आप भारत जैसी जगहों पर कैसे काम कर रहे हैं? उन्होंने कहा, अच्छा नहीं है सर. मैं पूछा क्यों? उन्होंने कहा कि वहां (भारत में) 100 फ़ीसदी, 150 फ़ीसदी और 200 फ़ीसदी तक टैरिफ़ है."
"तो मैंने कहा कि वो अपनी भारतीय मोटरबाइक बेच सकते हैं. वो उस बाइक को हमारे देश में बिना टैक्स और टैरिफ़ के बेच सकते हैं. मैंने पूछा आप भारत में कोई बिज़नेस क्यों नहीं कर पाते? तो जवाब मिला क्योंकि वहां टैरिफ़ इतना ज़्यादा है कि कोई नहीं चाहता. लेकिन वो चाहते हैं कि हम वहां (भारत) जाकर अपना प्लांट लगाएं और तब आप पर (अमेरिका) कोई टैरिफ़ नहीं लगेगा."
ट्रंप ने भारत के साथ ही ब्राज़ील को भी ऊंची टैरिफ़ दरों को लेकर निशाने पर लिया.
उन्होंने कहा, "अगर भारत हमसे 200 फ़ीसदी टैरिफ़ वसूलता है और हम उन पर कोई टैक्स नहीं लगाते, तो क्या हम उनपर 100 फ़ीसदी टैक्स लगा सकते हैं? क्या हम उनसे 50 फ़ीसदी टैक्स ले सकते हैं? अगर भारत हमसे कर ले रहा है तो हम उससे ये क्यों नहीं ले सकते? इसे आप बदला कह लीजिए, आपको जो मन हो वो कह लीजिए. अगर वो हम पर टैरिफ़ लगा रहे हैं, हम उन पर टैक्स लगाएंगे."
पिछले कार्यकाल में ट्रंप ने दिया था भारत को झटका
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में भारत को विशेष व्यापार पार्टनर की श्रेणी से हटा दिया था.
ट्रंप का कहना था कि भारत ने अमेरिका को आश्वस्त नहीं किया कि वह अपना बाज़ार उसके लिए न्यायसंगत और उचित रूप से खोलेगा. इसे जीएसपी यानी जर्नलाइज़्ड सिस्टम प्रिफ़रेंसेज़ कहा जाता है.
जीएसपी के तहत कोई विकासशील देश अगर अमेरिकी कांग्रेस द्वारा तय शर्तों को पूरा करता है तो वह वाहन कल-पुर्जों एवं कपड़ों से जुड़ी सामग्रियों सहित करीब दो हज़ार उत्पादों का अमेरिका को बिना किसी शुल्क के निर्यात कर सकता है.
ट्रंप का मानना उस समय भी ये मानते थे कि भारत इस व्यवस्था का फ़ायदा उठाता है लेकिन अमेरिका से भारत जाने वाले सामानों पर भारी शुल्क लगाता है.
पिछले राष्ट्रपति चुनाव से पहले भी ट्रंप ने ट्वीट किया था, "भारत लंबे समय से अमरीकी उत्पादों पर टैक्स लगा रहा है. अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.''
यहां तक कि 2019 में जी-20 की बैठक से ठीक पहले ट्रंप ने ट्वीट कर कहा था कि भारत 28 अमेरिकी उत्पादों से टैक्स वापस ले.
अमेरिका ने भारत से कारोबार में विशेष छूट वापस ली उसके बाद भारत ने अपने बाज़ार में 28 अमरीकी उत्पादों पर टैक्स लगाना शुरू किया.
ट्रंप का कहना था कि भारत को मिले विशेष दर्जे के कारण वो 5.6 अरब डॉलर का सामान बिना टैक्स के अमेरिकी बाज़ार में बेच रहा था.
ट्रंप के कार्यकाल में बढ़ा था चीन के साथ व्यापार युद्ध
अमेरिका और चीन के बीच डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान ही चीन और अमेरिका के बीच ट्रेड वॉर छिड़ी थी.
अमेरिका ने 2018 में चीन के करीब 200 अरब डॉलर से अधिक के उत्पादों पर 10 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाने की घोषणा की थी. इससे अमेरिका में चीन के लगभग आधे से ज़्यादा सामान प्रभावित हुए थे.
इसपर पलटवार करते हुए चीन ने भी 60 अरब डॉलर के अमेरिकी सामानों पर पाँच की बजाय 10 फ़ीसदी टैरिफ़ लगा दिया था.
उस समय डोनाल्ड ट्रंप ने यही तर्क दिया था कि चीन को तो अमेरिका से फ़ायदा होता है लेकिन अमेरिका का केवल नुक़सान ही होता है.
पिछले साल अमेरिका का राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी चीन को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की नीति को आगे बढ़ाया.
बाइडन प्रशासन ने ये कहा कि वो चीन के अरबों डॉलर के उत्पादों पर ट्रंप के कार्यकाल के दौरान लगाए गए टैरिफ़ को जारी रखेंगे.
अमेरिका के ट्रेड रिप्रेज़ेंटेटिव ऑफ़िस की ओर से ये कहा गया था कि बहुत सी कंपनियों और अन्य संबंधित पक्षों की ओर से निवेदन भेज कर 2018 और 2019 के दौरान चीन पर लगाए टैरिफ़ को जारी रखने के लिए कहा था.
डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें
डोनाल्ड ट्रंप पर अब तक चार बार आपराधिक अभियोग लगाया गया है और 2024 में उन्हें फिर से व्हाइट हाउस पहुंचने के लिए कई मामलों मे ट्रायल से होकर गुजरना पड़ेगा.
डोनाल्ड ट्रंप और 18 अन्य लोगों को राज्य में 2020 के चुनाव में उनकी हार को पलटने के कथित प्रयासों के लिए अभियोग में नामित किया गया है.ट्रंप पर 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के परिणाम को पलटने के प्रयासों की एक अलग संघीय जांच में आपराधिक आरोप भी लगाया गया है. ट्रंप व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद ज़रूरी फ़ाइलों के कथित दुरुपयोग को लेकर 40 आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे हैं.
इन सबके अलावा ट्रंप को फ़र्स्ट डिग्री में बिजनेस रिकॉर्ड में हेराफेरी करने के 34 संगीन मामलों का सामना करना पड़ रहा है. ये आरोप 2016 के चुनाव से पहले एडल्ट फ़िल्म स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को गुप्त भुगतान से जुड़े हैं.
हालांकि, ट्रंप ने खुद को इन सभी मामलों में निर्दोष बताया है.
अमेरिका में अगले साल राष्ट्रपति चुनाव होना है.
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