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महुआ मोइत्रा को लोकसभा से निष्कासित करने की सिफ़ारिश- प्रेस रिव्यू
लोकसभा की एथिक्स कमेटी ने तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा पर कैश लेकर सवाल पूछने के आरोपों की जांच पूरी कर ली है.
द इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के लगाए आरोपों की जांच के बाद एथिक्स कमेटी ने महुआ मोइत्रा को लोकसभा से निष्कासित करने की सिफ़ारिश की है.
कमेटी इस रिपोर्ट को गुरुवार को लोकसभा अध्यक्ष के पास भेजेगी.
अख़बार लिखता है कि इस रिपोर्ट के मसौदे में बीएसपी सांसद दानिश अली को लोकसभा के नियम 275 के उल्लंघन पर फटकार लगाई है.
यह नियम संसदीय समितियों की कार्यवाहियों की गोपनीयता से जुड़ा है.
इस रिपोर्ट में अली समेत विपक्ष के उन सांसदों का भी ज़िक्र है, जिन्होंने पिछले महीने हुई कमेटी की बैठक के दौरान चेयरमैन विनोद कुमार सोनकर के पूछे गए सवालों पर आपत्ति जताई थी.
माना जा रहा है कि मोइत्रा को निष्कासित किए जाने की सिफ़ारिश को लेकर विपक्षी सांसद असहमति दर्ज करा सकते हैं. 15 सदस्यों की इस कमेटी में सत्ताधारी एनडीए का बहुमत है.
मोइत्रा और विपक्ष के पांच सांसद- दानिश अली, कांग्रेस के उत्तम कुमार रेड्डी और वी. वैतीलिंगम, सीपीएम सांसद पी.आर. नटराजन और जेडीयू के गिरिधारी यादव दो नवंबर को बैठक छोड़कर चले गए थे.
अख़बार के मुताबिक़, कांग्रेस सांसद उत्तम कुमार रेड्डी ने बताया है कि उन्होंने नौ नवंबर को होने वाली बैठक टालने के लिए चेयरमैन को पत्र लिखा था. इस दिन उन्हें तेलंगाना विधानसभा चुनाव में नामांकन दाख़िल करना है.
मंगलवार को मोइत्रा ने कहा था कि कमेटी की बैठक की तारीख़ छह नवंबर से बढ़ाकर नौ नवंबर इसलिए की गई ताकि उत्तम कुमार के ग़ैर-हाज़िर होने की वजह से विपक्ष के सदस्य कम किए जा सकें.
इस बीच, निशिकांत दुबे ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि उन्होंने लोकपाल को मोइत्रा के ख़िलाफ़ शिकायत भेजी थी, जिसे लोकपाल ने जांच के लिए सीबीआई के पास भेज दिया है.
दिल्ली में कृत्रिम बारिश
दिल्ली में प्रदूषण घटाने के लिए कृत्रिम बारिश कराने की तैयारी की जा रही है.
द हिंदू की ख़बर के अनुसार, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बुधवार को बताया कि बढ़ते हुए प्रदूषण से निपटने के लिए कृत्रिम बारिश करवाने की कोशिश की जाएगी.
कृत्रिम बारिश करवाने के लिए रसायनों की मदद ली जाती है, ताकि हवा में मौजूद नमी से वर्षा करने वाले बादल बनाए जा सकें.
राय ने गाड़ियों के रोटेशन वाली योजना (ऑड-ईवन) को लेकर फैले भ्रम पर भी स्पष्टीकरण दिया.
उन्होंने कहा, “इस योजना को पहले सुप्रीम कोर्ट में दो केस स्टडीज़ के साथ पेश किया जाएगा. वहां से मंज़ूरी मिलने के बाद ही आगे बढ़ेंगे.”
कोलंबो में अडानी के पोर्ट में अमेरिकी निवेश
अमेरिका ने श्रीलंका के कोलंबो पोर्ट के वेस्ट कंटेनर टर्मिनल में 55 करोड़ 30 लाख डॉलर का निवेश करने का फ़ैसला किया है.
इस टर्मिनल का कुछ हिस्सा अडानी समूह के पास है.
द टेलिग्राफ़ की ख़बर के अनुसार, अमेरिका ने श्रीलंका में बढ़ती चीन की मौजूदगी पर लगाम लगाने के इरादे से यह फ़ैसला लिया है.
कोलंबो बंदरगाह के वेस्ट कंटेनर टर्मिनल में अडानी पोर्ट एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड की 51 फ़ीसदी हिस्सेदारी है.
अदानी समूह इस परियोजना में श्रीलंकाई पोर्ट अथॉरिटी और वहां की कंपनी जॉन कील्स होल्डिंग्स के साथ साझेदार है.
'कोर्ट की अवमानना' पर चीफ़ जस्टिस की बड़ी बात
चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने ‘अदालत की अवमानना’ के नियम को लेकर बड़ी बात कही है.
उनहोंने कहा कि अदालत की अवमानना का नियम न्यायिक प्रक्रिया में दख़लअंदाज़ी रोकने के लिए है, न कि जजों के मान-सम्मान को बचाने के लिए.
द टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, "उदाहरण के लिए, अगर कोई जानबूझकर कोर्ट के आदेश नहीं मानता है या फिर कोर्ट की कार्यवाही में गतिरोध पैदा करता है तो इसे कोर्ट की अवमानना माना जा सकता है."
"लेकिन मेरा मानना है कि अवमानना की शक्तियों का इस्तेमाल जजों को आलोचना से बचाने के लिए नहीं करना चाहिए."
डीवाई चंद्रचूड़ ने चीफ़ जस्टिस के पद पर एक साल और संवैधानिक अदालत के न्यायाधीश के तौर पर 23 साल पूरे करने के मौक़े पर यह बात कही.
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