इसराइल और ग़ज़ा पर क्यों बंटी यूरोपीय संघ की राय?
इसराइल और ग़ज़ा पर क्यों बंटी यूरोपीय संघ की राय?
यूरोपीय संघ के नेताओं ने बेल्जियम की राजधानी में यूक्रेन और मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष पर बातचीत की है.
यूरोपीय संघ ने ग़ज़ा में जारी मानवीय संकट को दूर करने और संघर्षविराम करवाने की कोशिश की थी. मगर उसे सफलता नहीं मिल पाई. बीते कुछ महीनों में अमेरिका ने वैश्विक मंच पर यूरोप को लगभग दरकिनार कर दिया है.
यूरोपीय संघ एक प्रमुख आर्थिक ताकत है. लेकिन ग़ज़ा पर ये एकजुट नहीं है. स्वीडन, स्पेन, आयरलैंड जैसे देश इसराइल के खिलाफ ज़्यादा सख़्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. वहीं जर्मनी, ऑस्ट्रिया और स्लोवाकिया इसराइल के समर्थक हैं.
कुछ लोगों का मानना है कि बड़े मुद्दों पर अलग अलग खेमे में बंटे होनी की यूरोपीय संघ को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है. देखिए बीबीसी संवाददाता निक बीक की ये रिपोर्ट.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.



