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चंद्रयान 3 मिशन क्या है और इसके कामयाब होने की कितनी संभावनाएं हैं?
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान परिषद यानी इसरो ने घोषणा की है कि वो 14 जुलाई की दोपहर 2.35 बजे चांद पर चंद्रयान-3 भेजेगा.
इसरो के शुरुआती दो अभियानों के बाद यह तीसरा प्रयास है जिसे चंद्रयान-2 के फ़ॉलोअप मिशन के रूप में देखा जा रहा है.
चार साल पहले, यानी साल 2019 में भारत चंद्रायन 2 की सफल लांचिंग की तैयारी कर रहा था, लेकिन आख़िरी मौक़े पर मिशन फेल हो गया.
तब इसरो के प्रमुख डॉक्टर सिवन की प्रधानमंत्री मोदी से गले लगकर रोती तस्वीरें काफ़ी वायरल हुई थी.
अब इस घटना के चार साल बाद आने वाली 14 तारीख़ को एक बार फिर भारत Chandrayaan -3 की लांचिंग करने जा रहा है. ये मिशन अहम क्यों है, पिछली नाकामी के बाद इसके कामयाब होने की संभावनाएं कितनी और क्यों हैं, और कामयाब होने पर क्या हासिल होगा, बीबीसी ने इस मामले के जानकार प्रोफेसर डॉ. आकाश सिन्हा से बातचीत की. वीडियो: प्रेरणा और शाहनवाज़ अहमद
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