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मोहम्मद सिराज की इस ग़लती से भारतीय टीम के हाथ से निकला बड़ा मौक़ा
- Author, अभिजीत श्रीवास्तव
- पदनाम, बीबीसी हिन्दी के लिए
भारत और इंग्लैंड के बीच ओवल के ऐतिहासिक मैदान पर एंडरसन-तेंदुलकर टेस्ट सिरीज़ के अंतिम और निर्णायक मुक़ाबले में आख़िरी दिन का खेल बाक़ी है.
आख़िरी दिन यह तय होगा कि इंग्लैंड सिरीज़ जीतेगी या भारतीय टीम सिरीज़ को ड्रॉ करा पाएगी. भारत को जीत के लिए चार विकेट चाहिए, तो इंग्लैंड को जीत हासिल करने के लिए महज़ 35 रन बनाने हैं.
मैच में जीत भारत को सिरीज़ में 2-2 की बराबरी पर लाएगी, लेकिन इंग्लैंड की टीम जीती तो सिरीज़ 3-1 से उसके नाम हो जाएगी.
यह मैच भी इस पूरी सिरीज़ की तरह उतार-चढ़ाव से भरा रहा है.
शुरुआती दो दिनों में दोनों टीमों की पहली पारी सिमट गई. इंग्लैंड को 23 रनों की छोटी सी बढ़त मिली लेकिन भारत ने दूसरे दिन ही इंग्लैंड पर 52 रनों की बढ़त बना ली थी.
तीसरे दिन यशस्वी जायसवाल के शतक, आकाश दीप, रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर के अर्धशतकों की बदौलत भारत ने इंग्लैंड के सामने 374 रनों का लक्ष्य रखा.
फिर तेज गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज ने तीसरे दिन इंग्लैंड के ओपनर ज़ैक क्रॉली को बोल्ड कर दिया और चौथे दिन की सुबह कप्तान ओली पोप को भी एलबीडब्ल्यू आउट कर इंग्लैंड के लिए मुश्किलें खड़ी कीं.
लेकिन जो रूट और हैरी ब्रुक ने चौथे विकेट के लिए 195 रनों की साझेदारी निभाकर भारत के हाथों से मैच को लगभग छीन लिया.
आउट होने से पहले दोनों बल्लेबाज़ों- ब्रुक (111) और रूट (105) ने शतक जमाए.
ब्रुक के आउट होने के बाद प्रसिद्ध कृष्णा ने जब लगातार दो ओवरों में जैकब बेथेल और जो रूट को आउट किया, तो भारत की जीत की उम्मीदें एक बार फिर जाग गईं.
हालाँकि टी ब्रेक के बाद आई बारिश की वजह से चौथे दिन का खेल समय से पहले ही ख़त्म करना पड़ा.
अब पाँचवें दिन इंग्लैंड को केवल 35 रन बनाने हैं, इसलिए भारत निश्चित रूप से दबाव में होगा.
लेकिन भारत इस दबाव वाली स्थिति में अपनी कुछ ग़लतियों के कारण पहुँचा.
कहाँ हुई चूक?
यह जानते हुए भी कि यह मैच किस तरह सिरीज़ के लिए निर्णायक है, भारत ने जसप्रीत बुमराह को आराम दिया.
यह कुछ ऐसा है, जैसे ओल्ड ट्रैफ़र्ड टेस्ट में खेले गए चौथे टेस्ट मैच में इंग्लैंड की पहली पारी के दौरान वॉशिंगटन सुंदर को 68 ओवरों तक गेंद नहीं दी गई थी.
जब लंच से 15 मिनट पहले सुंदर को गेंद थमाई गई, तो उन्होंने अपने पाँचवें ओवर में ओली पोप और सातवें ओवर में हैरी ब्रुक को आउट कर दिया था.
तब वॉशिंगटन सुंदर को देर से गेंद देने को लेकर कप्तान शुभमन गिल की आलोचना हुई थी.
इसके बावजूद ओवल में इंग्लैंड की पहली पारी में वॉशिंगटन सुंदर से शुभमन ने एक भी ओवर गेंदबाज़ी नहीं कराई.
भले ही इंग्लैंड की टीम केवल 51.2 ओवरों में ही सिमट गई, लेकिन उन्होंने 4.81 रन प्रति ओवर की दर से रन बनाए और 23 रनों की बढ़त बनाने में कामयाब रहे.
गिल ने इंग्लैंड की पहली पारी में रवींद्र जडेजा से भी केवल दो ओवर कराए थे तो दूसरी पारी में बहुत देर से स्पिनरों को आक्रमण पर लगाया गया.
मैच का सबसे बड़ा पल
मैच के चौथे दिन की सुबह लंच से पहले तब इंग्लैंड का स्कोर 137/3 था और हैरी ब्रुक 21 गेंदों पर 19 रन बनाकर खेल रहे थे.
यहाँ भारत के पास मैच को अपने पक्ष में मोड़ने का बहुत अच्छा मौक़ा था, लेकिन मोहम्मद सिराज की एक चूक मैच का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हुई.
इंग्लैंड की पारी के दौरान प्रसिद्ध कृष्णा 35वाँ ओवर डालने आए थे. कृष्णा ने पहली गेंद शॉर्ट डाली और ब्रुक ने उसे डीप फ़ाइन लेग बाउंड्री पर खेला जिसे मोहम्मद सिराज ने लपक लिया लेकिन इसी दौरान उनका पैर बाउंड्री रोप से टकरा गया.
प्रसिद्ध कृष्णा ने दोनों हाथ ऊपर उठाकर कैच का जश्न मनाना शुरू कर दिया था, तभी उन्हें सिराज की ग़लती का एहसास हुआ. उधर ब्रुक के चेहरे पर हल्की मुस्कान तैर गई.
सिराज को ख़ुद इस चूक का अहसास था और वो अपना मुँह ढँकते हुए इस ग़लती पर अफ़सोस करते दिखे. ब्रॉडकास्टर ने मैदान में हुई इस ग़लती को बार बार दिखाया.
इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट के एक्स हैंडल से भी इस मोमेंट का वीडियो पोस्ट किया जिस पर लिखा गया, "आउट? छक्का? सिराज ने क्या किया."
बेशक सिराज इस सिरीज़ में भारत की ओर से सबसे अधिक 159.1 ओवर गेंदबाज़ी कर सर्वाधिक 19 विकेट लेने वाले गेंदबाज़ हैं, पर यह कैच भारत को बहुत महंगा पड़ा.
ब्रुक और रूट के नाम ये रिकॉर्ड
ब्रुक ने इस जीवनदान का फ़ायदा उठाते हुए तेज़ी से रन बटोरने शुरू किए और इस दौरान लगातार जो रूट के साथ स्ट्राइक भी रोटेट करते रहे.
61वें ओवर में ही केवल 91 गेंदों पर ब्रुक ने अपना 10वाँ टेस्ट शतक पूरा किया. इसके साथ ही ब्रुक ने ऐसा कारनामा किया जो क्रिकेट के इतिहास में केवल डॉन ब्रैडमैन ही कर सके हैं.
ब्रुक ने अपनी 50वीं टेस्ट पारी में 10वाँ टेस्ट शतक जड़ा और डॉन ब्रैडमैन के बाद 50 से कम पारियों में 10वाँ टेस्ट शतक जड़ने वाले पहले क्रिकेटर बने. ब्रैडमैन ने 1955 में अपनी 23वीं पारी में 10वाँ टेस्ट शतक जमाया था.
ब्रुक और रूट ने शुरू में भारतीय स्पिनरों को निशाना बनाया और उनकी गेंदों पर जमकर रन बटोरे. जब कप्तान गिल ने वापस तेज़ गेंदबाज़ों को बुलाया, तो ब्रुक ने उन्हें भी नहीं बख़्शा.
हैरी ब्रुक के आक्रामक रुख़ से भारतीय गेंदबाज़ों की लय पूरी तरह बिगड़ गई और जब तक ये दोनों बल्लेबाज़ पिच पर रहे भारत के हाथों से मैच पूरी तरह फिसलता हुआ दिखा.
फिर भारतीय गेंदबाज़ों ने मैच में भारत की वापसी कराई. आकाश दीप की गेंद पर हैरी ब्रुक का सिराज के हाथों कैच आउट होना इसकी शुरुआत थी. इसके बाद प्रसिद्ध कृष्णा ने लगातार दो विकेट चटका कर इंग्लैंड का स्कोर 339/6 कर दिया.
इस दौरान जो रूट ने अपना 39वाँ टेस्ट शतक पूरा किया. उन्होंने सबसे अधिक टेस्ट शतकों के मामले में कुमार संगकारा को पीछे छोड़ दिया है. अब वह केवल सचिन तेंदुलकर (51 शतक), ज़ाक कैलिस (45 शतक) और रिकी पोंटिंग (41 शतक) से पीछे हैं.
वहीं, रूट का यह अपने घरेलू मैदान पर 24वाँ शतक था. रूट घरेलू मैदानों पर सबसे अधिक शतक जमाने वाले बल्लेबाज़ बन गए हैं.
रूट से पहले श्रीलंका के महेला जयवर्धने, ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग और दक्षिण अफ़्रीका के ज़ाक कैलिस के नाम 23 शतकों का रिकॉर्ड था.
क्या भारत जीत सकता है ओवल टेस्ट?
जब भारत और इंग्लैंड की टीमें पाँचवें दिन मैदान में उतरेंगी, तो खिलाड़ियों की मानसिक स्थिति बिल्कुल बदल चुकी होगी.
भारतीय गेंदबाज़ रात भर आराम के बाद सुबह चुस्त होंगे और उनके सामने इंग्लैंड के पुछल्ले बल्लेबाज़ों को आउट करने का लक्ष्य होगा.
दूसरी ओर इंग्लैंड के पास पिच पर विकेटकीपर जेमी स्मिथ और जेमी एंडरसन की नई जोड़ी मौजूद है.
बेशक जेमी स्मिथ इस सिरीज़ के शुरुआती मैचों में शतक और अर्धशतक जमा चुके हैं, लेकिन पिछली तीन पारियों में उनके बल्ले से महज़ 8, 9 और 8 रन ही बने हैं.
साथ ही ऑलराउंडर क्रिस वोक्स चोटिल हैं, लेकिन जो रूट ने मैच के बाद हुई प्रेस कॉन्फ़्रेंस में यह स्पष्ट किया है कि अगर ज़रूरत पड़ी, तो वोक्स बैटिंग करने उतरेंगे.
जीत के लिए रन इतने कम बनाने हैं कि मैच अब भी इंग्लैंड के पलड़े में ही झुका हुआ दिख रहा है. लिहाज़ा भारत को गेंदबाज़ी में किसी चमत्कार की ज़रूरत होगी.
इतिहास रचने की कगार पर इंग्लैंड
भारतीय टीम ने इंग्लैंड के सामने टेस्ट जीतने के लिए 374 रनों का रिकॉर्ड लक्ष्य रखा है.
अगर पाँचवें दिन भारत जीत गया, तो यह 2021 में ओवल में ठीक इसी तरह मिली जीत को दोहराने जैसा कारनामा होगा, जो इस मैदान पर तीसरी जीत होगी.
लेकिन अगर इंग्लैंड की टीम जीत गई, तो ओवल के मैदान पर चेज़ का नया इतिहास बनेगा.
ओवल के मैदान पर 1902 में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ चौथी पारी में 263 रन चेज़ कर एक विकेट से जीत हासिल की थी.
तब से इस मैदान पर कोई और टीम इससे बड़े स्कोर को चेज़ नहीं कर सकी है. यानी इंग्लैंड की टीम जीती तो 123 साल पुराना अपना ही रिकॉर्ड तोड़ देगी.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित