दंगों में बेटा खोया, फिर हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल क़ायम की

दंगों में बेटा खोया, फिर हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल क़ायम की

दस साल पहले साल 2013 में महाराष्ट्र के धुले में दंगे हुए. दंगों के दौरान लोगों ने अपनों को खोया और हिंदू-मुस्लिम के बीच भेदभाव की खाई गहरी होती चली गई.

लेकिन अब ये लोग वापस एक-दूसरों के साथ घुलमिल रहे हैं. 15 अगस्त से देशभर के 50 से ज्यादा संगठनों ने 'मेरे घर आ के तो देखो' पहल शुरू की है. भारत में कई परिवार इस पहल का हिस्सा बन रहे हैं. इसमें अलग-अलग जाति-धर्म और अलग-अलग लिंग पहचान वाले लोग संवाद और भाईचारा बढ़ाने के लिए एक-दूसरे के घर जाते हैं.

रिपोर्ट: प्राजक्ता पोल

शूट: शाहिद शेख़

एडिट: अरविंद पारेकर

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