You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
जगदीप धनखड़ का इस्तीफ़ा और वे चार घंटे - द लेंस
जिस दिन संसद का मॉनसून सत्र शुरू हुआ, उसी शाम उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने पद से इस्तीफ़ा दे दिया.
बतौर राज्यसभा के सभापति दिन में उन्होंने कार्यवाही का संचालन किया और देर शाम इस ख़बर से राजनीतिक चर्चाओं का बाज़ार गर्म हो गया.
इस्तीफ़े में उन्होंने कहा कि वह सेहत के चलते ऐसा कर रहे हैं मगर विपक्षी दलों ने कहा कि बात इससे कहीं अलग है.
इस पर अटकलें इसलिए भी ज़्यादा हुईं क्योंकि इस महीने की शुरुआत में ही एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि वह अगस्त 2027 में रिटायर होंगे.
इस्तीफ़े के बाद उनके सरकार से संबंधों से लेकर अगले उपराष्ट्रपति के नाम तक काफ़ी अटकलें लग रही हैं.
ऐसे में कई सवाल भी उठ रहे हैं. आख़िर किन हालात में उपराष्ट्रपति पद से जगदीप धनखड़ ने इस्तीफ़ा दिया, विपक्षी पार्टियां क्या इस मौक़े का फ़ायदा उठा पाई हैं?
भाजपा की इस पर प्रतिक्रिया क्या किसी असहज स्थिति का इशारा है? उनके कार्यकाल को कैसे आँका जाएगा और अब सत्तारूढ़ गठबंधन अगला दाँव किस पर लगाएगा?
द लेंस के आज के एपिसोड में इन सभी मुद्दों पर चर्चा की गई.
इस चर्चा में कलेक्टिव न्यूज़रूम के डायरेक्टर ऑफ़ जर्नलिज़म मुकेश शर्मा के साथ शामिल हुए बीबीसी हिंदी के पूर्व संपादक संजीव श्रीवास्तव, वरिष्ठ पत्रकार सबा नक़वी और द हिंदू की पत्रकार श्रीपर्णा चक्रवर्ती.
प्रोड्यूसरः सईदुज़्ज़मां
गेस्ट कोऑर्डिनेटरः संगीता यादव
वीडियो एडिटिंगः सुमित वैद्य
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां कर सकते हैं. आप हमें एक्स, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)