'मैं, मेरा पति और बच्चा भटक रहे थे, हमें जेल में डाला गया जहां अंधेरा था' - ग्राउंड रिपोर्ट
'मैं, मेरा पति और बच्चा भटक रहे थे, हमें जेल में डाला गया जहां अंधेरा था' - ग्राउंड रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले की रहने वाली सुनाली ख़ातून को दिल्ली में हिरासत में लेकर बांग्लादेश निर्वासित किया गया था.
उनके साथ उनके पति और आठ साल का बेटा भी था.
सुनाली ने बताया कि वो बीते 20 साल से दिल्ली में रह रही थीं और घर-घर जाकर काम करती थीं.
सुनाली को कैसे वापस लाया गया? ये पूरा मामला क्या है?
जानने के लिए देखिए बीबीसी संवाददाता इल्मा हसन की ये ग्राउंड रिपोर्ट.
शूट, एडिट: रुबाइयत बिस्वास
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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