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बिलकिस बानो के रिश्तेदार ने बताया कि कैसे गुज़रे थे वो 22 साल
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बिलकिस बानो के साथ गैंग रेप और उनके परिजनों की हत्या के 11 दोषियों की सज़ा में छूट देकर रिहा करने के फ़ैसले को रद्द कर दिया.
गुजरात सरकार ने 15 अगस्त 2022 को इन दोषियों को रिहा कर दिया था. अदालत ने कहा कि गुजरात सरकार के पास सज़ा में छूट देने का अधिकार नहीं है. अदालत ने सभी दोषियों को दो हफ़्ते में जेल में हाज़िर होने का आदेश दिया है.
सुप्रीम कोर्ट का जब यह फ़ैसला आया तो देवगढ़ बैरिया के कपाड़ी इलाक़े का मकान नंबर 45 और 46 वीरान नज़र आया.
इस इलाक़े के अधिकांश घर 2002 के गुजरात दंगों के बाद बनाए गए हैं. आसपास के गाँवों के मुसलमान यहाँ आकर बसे थे.
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